सीजी भास्कर, 10 जून : राजधानी रायपुर के आमानाका थाना क्षेत्र से सात महीने पहले गायब हुई एक मासूम (Child Murder Case Chhattisgarh) की जिंदगी का बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला सच सामने आया है। एक कलयुगी प्रेमी ने अपने रास्ते का कांटा हटाने के लिए महज चार साल के मासूम बच्चे की गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस बहुचर्चित और अंधे कत्ल के मामले का पर्दाफाश करते हुए आमानाका थाना पुलिस ने सात महीने से फरार चल रहे शातिर आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है।
संदिग्ध मौत से शुरू हुआ मामला
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पिछले साल 1 नवंबर 2025 को आमानाका इलाके में रहने वाले चार वर्षीय मासूम मयंक मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत (Child Murder Case Chhattisgarh) हो गई थी। उस वक्त परिजन मयंक को बेहोश और अचेत हालत में लेकर तुरंत अस्पताल भागे थे, लेकिन डाक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया था। शुरुआत में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। जब अस्पताल से पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, तो पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। डाक्टरों ने रिपोर्ट में साफ लिखा था कि बच्चे की प्राकृतिक मौत नहीं हुई है, बल्कि किसी ने उसका गला दबाकर (Strangulation) उसकी जान ली है। इस खुलासे के बाद मर्ग डायरी को हत्या के मुकदमे में तब्दील कर पुलिस ने तफ्तीश की रफ्तार बढ़ा दी।
अवैध संबंध और नफरत की खौफनाक दास्तान
जब पुलिस ने मृत बच्चे के घर और उसके आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की, तो कत्ल की परतें एक-एक कर खुलने लगीं। विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक बच्चे की मां (Child Murder Case Chhattisgarh) और टाटीबंध इलाके के रहने वाले जयदीप सिंह (27 वर्ष) के बीच अवैध प्रेम संबंध थे। जयदीप का सविंधान और सामाजिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर महिला के घर लगातार आना-जाना था। जांच में यह कड़वा सच सामने आया कि जयदीप उस चार साल के अबोध बच्चे मयंक से नफरत करता था और उसे अपने व उसकी मां के प्रेम संबंधों के बीच में सबसे बड़ी बाधा (रोड़ा) मानता था। इसी सनक में उसने मासूम को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रची और मौका पाकर उसका गला घोंट दिया।
सात महीने की लुका-छिपी के बाद सलाखों के पीछे पहुंचा कातिल
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी जयदीप सिंह शहर छोड़कर भाग गया था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। अंधे कत्ल के इस मामले को सुलझाने के लिए डीसीपी पश्चिम संदीप पटेल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा के कड़े निर्देशन में एसीपी देवांश सिंह राठौर और आमानाका थाना प्रभारी सुधांशु बघेल के नेतृत्व में एक विशेष क्राइम टीम बनाई गई थी।
तकनीकी साक्ष्यों ने घेरा, 10 जून को हुई गिरफ्तारी
विशेष टीम पिछले सात महीनों से आरोपी के मोबाइल लोकेशन, काल डिटेल्स और मुखबिरों के जाल के जरिए उसकी घेराबंदी में जुटी हुई थी। लगातार मिले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आखिरकार आज 10 जून 2026 को पुलिस ने जयदीप सिंह को चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। थाने लाकर जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो वह ज्यादा देर तक झूठ नहीं बोल सका और उसने मासूम मयंक का गला घोंटने की बात स्वीकार कर ली। पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर सीधे जेल की कालकोठरी में भेज दिया गया है। पुलिस मामले के कुछ अन्य पहलुओं पर भी बारीकी से जांच कर रही है।





