सीजी भास्कर, 10 जून : प्रदेश में सुशासन को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline 1076) एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली 1076 की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्थाओं और शिकायत निवारण तंत्र का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन सेंटर पहुंचकर शिकायतों के पंजीयन, उनकी निगरानी, निराकरण प्रक्रिया और तकनीकी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी लेते हुए शिकायतों के त्वरित समाधान और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं बल्कि शासन और जनता के बीच मजबूत संवाद का प्रभावी प्लेटफॉर्म बनेगी।
कॉलर से सीधे बात कर जाना समस्या का हाल
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Helpline 1076) ने हेल्पलाइन पर कॉल करने वाले रायपुर निवासी पूनाराम ठाकरे से स्वयं बातचीत की। मुख्यमंत्री ने उनका नाम, निवास और समस्या की जानकारी ली। पूनाराम ठाकरे ने बताया कि उन्होंने आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन कार्य लंबित होने के कारण उन्होंने हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अन्य हितग्राहियों से भी संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना। हितग्राहियों ने शासन तक सीधे अपनी बात पहुंचाने की सुविधा की सराहना करते हुए इसे जनहितकारी पहल बताया।
शिकायतों की निगरानी के लिए मजबूत डिजिटल व्यवस्था
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली राज्य के विभिन्न विभागों को एकीकृत रूप से जोड़ने वाली व्यापक व्यवस्था है। इस प्रणाली में 1,200 से अधिक शिकायत श्रेणियां शामिल की गई हैं, जबकि लगभग 8,000 अधिकारियों को चार प्रशासनिक स्तरों पर मैप किया गया है।
ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक बहु-स्तरीय एस्केलेशन प्रणाली विकसित की गई है, जिसके माध्यम से शिकायतों के समाधान की निरंतर निगरानी की जाएगी। यदि किसी स्तर पर शिकायत का समाधान नहीं होता है तो मामला स्वतः उच्च स्तर पर पहुंच जाएगा, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित हो सकेगी।
स्थानीय युवाओं को मिला रोजगार का अवसर
मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन संचालन में कार्यरत युवाओं से भी चर्चा की और उनके अनुभव जाने। अधिकारियों ने बताया कि इस व्यवस्था के संचालन में स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इससे एक ओर जहां सेवा गुणवत्ता में सुधार होगा, वहीं दूसरी ओर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।
डेटा आधारित सुशासन पर जोर
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री को एमआईएस डैशबोर्ड, शिकायत विश्लेषण प्रणाली और विभिन्न विभागों के प्रदर्शन मूल्यांकन से संबंधित तकनीकी सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया आधुनिक सुशासन का महत्वपूर्ण आधार है। शिकायतों के विश्लेषण से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर व्यवस्थागत सुधार किए जाने चाहिए ताकि समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम बनेगी तथा प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवा वितरण की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार लाएगी।
मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी किया अवलोकन
इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव पी. दयानंद, सुशासन एवं अभिशरण विभाग के सचिव राहुल भगत, विशेष सचिव रजत बंसल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने हेल्पलाइन संचालन व्यवस्था और शिकायत प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन किया।



