सीजी भास्कर, 06 जून : प्रदेश में आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए शुरू की जा रही CM Helpline को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव विकासशील ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा के भीतर संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि शिकायतों के निपटारे में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य सचिव ने सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देशित किया कि 9 जून 2026 से शुरू होने वाली सीएम हेल्पलाइन के प्रभावी संचालन के लिए सभी विभागों के सचिवों, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश तत्काल जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था सुशासन को मजबूत करने और आम लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- सीजी भास्कर, 06 जून : प्रदेश में आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए शुरू की जा रही CM Helpline को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव विकासशील ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा के भीतर संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि शिकायतों के निपटारे में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- 1076 पर कॉल कर दर्ज करा सकेंगे शिकायत
- एल-1 से एल-4 स्तर तक होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग
- सुशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम
1076 पर कॉल कर दर्ज करा सकेंगे शिकायत
बैठक में मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने सीएम हेल्पलाइन की आधुनिक शिकायत प्रबंधन प्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन शुरू होने के बाद नागरिक टोल-फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा वेब पोर्टल, समर्पित मोबाइल एप और व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिकायतें दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध होगी।
एल-1 से एल-4 स्तर तक होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग
राहुल भगत ने बताया कि शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक स्वचालित प्रणाली विकसित की गई है, जिसके तहत शिकायतें आवश्यकता अनुसार एल-1 से एल-4 स्तर तक संबंधित अधिकारियों को स्वतः प्रेषित की जाएंगी। इससे शिकायतों की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। साथ ही शिकायत के निराकरण के बाद नागरिकों से उनकी संतुष्टि का फीडबैक भी लिया जाएगा, जिससे व्यवस्था की पारदर्शिता और गुणवत्ता बनी रहेगी।
सुशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम न बनकर नागरिकों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच साबित हो। इसके लिए सभी विभागों के नोडल अधिकारियों को गुणवत्ता पूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव पी. दयानंद, कौशल विकास विभाग के सचिव बसवराजु एस., सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




