सीजी भास्कर, 5 दिसम्बर। केरल की राजनीति में उभरते चेहरों में शुमार राहुल मामकूटथिल (Congress Kerala MLA) अब सुर्खियों में हैं, मगर वजह वह नहीं जो कभी उनके समर्थक उम्मीद करते थे। पलक्कड़ से कांग्रेस विधायक रहे राहुल पर एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए,
जिसके बाद पार्टी ने उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से बाहर का रास्ता दिखा दिया। यह कदम तब उठाया गया जब पुलिस ने उनके खिलाफ रेप, आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करने और ज़बरदस्ती प्रेग्नेंसी खत्म कराने तक के आरोपों से जुड़ी FIR दर्ज की।
मामला सामने आते ही राहुल की ग़ैरमौजूदगी ने स्थानीय प्रशासन को शक में डाल दिया। पुलिस टीमें लगातार उनके ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, पर अब तक उनका पता नहीं चल सका। इधर विपक्ष सवाल उठा रहा है कि यदि मामला इतना गंभीर है, तो आरोपी का अब तक कोई सुराग क्यों नहीं मिला। राहुल पर आरोप लगने के बाद से पार्टी ने पूरी दूरी बना ली है, और यही बदलाव उन्हें राजनीति के सबसे अंधेरे मोड़ तक ले आया है।
कौन हैं राहुल मामकूटथिल?
राहुल का ज़िक्र हमेशा युवा नेतृत्व और तेज रफ़्तार राजनीतिक (Congress Kerala MLA) उभार के साथ किया जाता था। पलक्कड़ के जाने-माने परिवार से ताल्लुक रखने वाले राहुल एक सफल व्यवसायी भी माने जाते रहे हैं। कांग्रेस की युवा इकाई में सक्रियता, आक्रामक शैली और क्षेत्रीय मुद्दों पर मुखर रुख—इन्हीं गुणों ने उन्हें विधानसभा तक पहुँचाया।
लेकिन अगस्त 2025 में माहौल पलटा। पहले whisper, फिर आरोप—और देखते ही देखते मामला भारी पड़ गया। चुनावी मौसम सिर पर है और ठीक इसी बीच यह विवाद पार्टी के लिए एक बड़ा झटका बनकर उभरा है। संगठन ने बचाव के बजाय तुरंत कार्रवाई की, ताकि नुकसान सीमित रहे, पर राहुल की राजनीतिक साख अब सवालों के घेरे में कैद है।
कानून का शिकंजा कसता दिख रहा है
अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद माहौल और गंभीर हो गया। कोर्ट ने साफ निर्देश दिए हैं कि पुलिस आरोपी को ढूंढकर पेश करे। इसी क्रम में उनके ड्राइवर को हिरासत में लिया गया, आरोप है कि उसने राहुल को गायब होने में मदद की। बुधवार को लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने अभियोजन से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे।
गुरुवार को नई सामग्री पेश होने के बाद बहस पूरी हो गई। अब अगला कदम जांच एजेंसियों के इरादों पर निर्भर करता है, मगर इतना साफ है—मामला अब सिर्फ राजनीतिक नहीं, कानूनी मोड़ ले चुका है।
एक युवा चेहरा, जो चर्चा में था – अब चर्चा में है, पर वजह बदल गई
एक समय था जब राहुल मामकूटथिल को नेक्स्ट-जेन लीडर कहा जाता था। आज वही नाम पार्टी के लिए बोझ बनता दिख रहा है। निलंबन के बाद से संगठन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि जांच पूरी होने तक कोई राजनीतिक (Congress Kerala MLA) संरक्षण नहीं मिलेगा। वह चेहरा, जिसे कभी मंचों पर तालियों के बीच आगे बढ़ाया गया था, अब कानूनी दवाब, जनता की नाराज़गी और पार्टी की दूरी—इन तीन मोर्चों पर अकेला खड़ा है।




