सीजी भास्कर 28 जनवरी Constable Recruitment Case Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में चल रही कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा हस्तक्षेप किया है। साल 2023 में घोषित करीब छह हजार पदों की भर्ती में सामने आए आरोपों को गंभीर मानते हुए अदालत ने फिलहाल नियुक्ति आदेश जारी करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट का यह कदम उन अभ्यर्थियों के लिए अहम माना जा रहा है, जो लंबे समय से चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे थे।
एकलपीठ ने जारी किया नोटिस
यह आदेश न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू की एकलपीठ द्वारा पारित किया गया। अदालत ने राज्य शासन को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई में विस्तृत जवाब पेश करने को कहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले की पूरी सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक नई नियुक्तियों को आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा।
याचिका में क्या लगाए गए आरोप
मामला सक्ती, बिलासपुर, रायगढ़ और मुंगेली जिलों के कई अभ्यर्थियों द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि भर्ती के दौरान फिजिकल टेस्ट प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुईं। आरोप है कि डेटा रिकॉर्डिंग का जिम्मा जिस निजी एजेंसी को दिया गया था, उसने नियमों के बजाय लेन-देन के आधार पर परिणाम प्रभावित किए।
फिजिकल टेस्ट बना विवाद की जड़
याचिका में यह भी कहा गया कि लंबी कूद, भाला फेंक और अन्य शारीरिक परीक्षणों में वास्तविक प्रदर्शन से अलग आंकड़े दर्ज किए गए। (Physical Test Irregularities) के चलते कई योग्य उम्मीदवार मेरिट सूची से बाहर हो गए, जबकि कुछ को अनुचित लाभ मिला।
जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले संकेत
अदालत को बताया गया कि प्रशासनिक जांच में 129 ऐसे अभ्यर्थियों की पहचान हुई है, जिन्हें नियमों के विपरीत अधिक अंक दिए गए। इसके साथ ही फिजिकल टेस्ट से जुड़े सीसीटीवी फुटेज के डिलीट होने का भी जिक्र सामने आया, जिससे संदेह और गहराता गया।
भर्ती नियमों के उल्लंघन की दलील
याचिकाकर्ताओं की ओर से यह तर्क रखा गया कि पुलिस भर्ती नियम 2007 के तहत यदि चयन प्रक्रिया में अनियमितता साबित होती है, तो पूरी प्रक्रिया निरस्त कर दोबारा कराई जानी चाहिए। ऐसे में अंतिम सूची जारी करना और नियुक्ति आदेश देना नियमों के खिलाफ बताया गया।
कोर्ट का अंतरिम फैसला
दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने साफ कहा कि मौजूदा हालात में नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना न्यायसंगत नहीं होगा। इसी आधार पर अदालत ने अगली सुनवाई तक सभी नए नियुक्ति आदेशों पर रोक लगा दी है।
आगे क्या हो सकता है
अब इस मामले में राज्य सरकार के जवाब और आगे की जांच पर सबकी नजर टिकी है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो पूरी भर्ती प्रक्रिया पर बड़ा असर पड़ सकता है, वहीं हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य भी इसी फैसले से तय होगा।


