सीजी भास्कर, 26 अगस्त। छत्तीसगढ़ में जल संसाधन विभाग (Contractor Scam in Water Resources Department) की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई सामने आई है।
विभाग की जांच में यह खुलासा हुआ है कि 23 ठेकेदारों और उनकी फर्मों ने 108 टेंडरों में गड़बड़ी कर करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया।
इन ठेकेदारों ने टेंडर फॉर्म में फर्जी जानकारी दी, अनुभव छुपाया और एक ही समय में कई प्रोजेक्ट लेने की बात छिपाई।
अब विभाग ने इन सभी को ब्लैकलिस्ट करने और एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
(Contractor Scam in Water Resources Department)
सूत्रों के मुताबिक गड़बड़ी इतनी बड़ी थी कि केलो परियोजना, शंकरगढ़ डायवर्सन योजना, हंसदेव बांगो परियोजना, बिछिया स्टॉप डेम, पाराकोट जलाशय और कटालीब एनीकट जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट (Contractor Scam in Water Resources Department) भी प्रभावित हुए।
कामों में अनुचित देरी हुई और राज्य सरकार को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा।
जांच की शुरुआत तब हुई जब जल संसाधन विभाग ने 39 ठेकेदारों की सूची लोक निर्माण विभाग को सौंपी।
विस्तृत जांच के बाद यह साबित हुआ कि 23 ठेकेदारों ने गंभीर अनियमितताएं की हैं।
रिपोर्ट में साफ लिखा गया है कि इन फर्मों ने गलत विवरण देकर सरकारी खजाने को चपत लगाई।
लोक निर्माण विभाग ने अपनी रिपोर्ट जल संसाधन विभाग को सौंप दी है, जिसके बाद अब ब्लैकलिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ब्लैकलिस्टेड (Contractor Scam in Water Resources Department) ठेकेदारों को एक वर्ष तक किसी भी सरकारी टेंडर में भाग लेने से रोका जाएगा।
साथ ही उनकी जमानत राशि भी जब्त की जाएगी।
विभाग ने बाकी ठेकेदारों की जांच भी तेज कर दी है। अफसरों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए कड़े प्रावधान लागू किए जाएंगे।