Cyber Fraud : छत्तीसगढ़ की राजधानी में ऑनलाइन ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां नया बिजली मीटर लगवाने के नाम पर एक व्यवसायी को लाखों का चूना लगाया गया। साइबर अपराधियों ने खुद को बिजली विभाग का अधिकारी बताकर पीड़ित से संपर्क किया और बड़ी ही चालाकी से उनके बैंक खातों में सेंध लगा दी।
मात्र 13 रुपये जमा करने का दिया झांसा
पीड़ित ने हाल ही में नया बिजली मीटर लगवाने के लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन किया था। इसी का फायदा उठाते हुए ठग ने उन्हें फोन किया और दावा किया कि विभाग में उनकी फाइल आगे बढ़ाने के लिए मात्र 13 रुपये की प्रोसेसिंग फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी। इतनी कम राशि होने के कारण कारोबारी को किसी साजिश का संदेह नहीं हुआ।
व्हाट्सएप लिंक भेजकर ऐसे किया मोबाइल हैक
विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा, जिस पर बिजली विभाग का आधिकारिक लोगो लगा हुआ था। जैसे ही पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल फोन पूरी तरह से हैक हो गया। साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस लिंक के माध्यम से पीड़ित के फोन का पूरा रिमोट एक्सेस ठगों के पास चला गया था।
8 किस्तों में साफ की जीवनभर की कमाई
मोबाइल का नियंत्रण मिलते ही आरोपियों ने बैंकिंग एप्स के जरिए पैसे ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। ठगों ने कुल 8 ट्रांजैक्शन किए, जिसमें एक खाते से 6 लाख रुपये से अधिक और दूसरे खाते से लगभग 99 हजार रुपये पार कर दिए। जब तक पीड़ित कुछ समझ पाते, तब तक उनके खातों से 7 लाख रुपये से ज्यादा की राशि गायब हो चुकी थी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
बैंक से लगातार पैसे कटने के मैसेज आने के बाद कारोबारी को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस और साइबर सेल की टीम अब उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को ट्रैक कर रही है, जिनका उपयोग इस वारदात को अंजाम देने के लिए किया गया है।
साइबर सेल की जनता से विशेष अपील
घटना के बाद पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों को आगाह किया है कि कोई भी सरकारी विभाग व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर भुगतान की मांग नहीं करता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करना या अपना फोन रिमोट एक्सेस पर देना जोखिम भरा हो सकता है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।


