Dantewada Wildlife Crime : छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से वन्यजीव अपराध का एक विचलित करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक युवक ने सोशल मीडिया पर ‘रील’ (Reel) बनाकर मशहूर होने के चक्कर में दुर्लभ प्रजाति की 9 बड़ी गिलहरियों, जिन्हें स्थानीय भाषा में ‘शेकरू’ कहा जाता है, का बेरहमी से शिकार किया। आरोपी ने न केवल इन बेजुबानों को मार गिराया, बल्कि उनकी लाशों के साथ रील बनाकर उसे इंस्टाग्राम और फेसबुक पर साझा भी किया।
गुलेल से किया शिकार, फिर बनाया ‘दावत’ का वीडियो
वन विभाग की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी और उसके साथियों ने बेहद शातिर तरीके से इस शिकार को अंजाम दिया। गिलहरियों को लालच देने के लिए पहले पेड़ों और जमीन पर खाने का सामान बिछाया गया। जैसे ही दुर्लभ गिलहरियां इकट्ठा हुईं, आरोपियों ने गुलेल से सटीक निशाना साधकर उन्हें मार गिराया। इसके बाद घर के आंगन में मरे हुए जीवों के साथ वीडियो शूट किया गया और अंत में उन्हें पकाकर खा लिया गया।
सोशल मीडिया लोकेशन से पुलिस पहुंची अबूझमाड़ के जंगलों तक
वीडियो के वायरल होते ही वन विभाग की साइबर सेल और स्थानीय टीम सक्रिय हो गई। आरोपी की सोशल मीडिया आईडी और इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) एड्रेस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस की गई। कड़ी मशक्कत के बाद विभाग ने अबूझमाड़ क्षेत्र के एक दूरस्थ गांव में दबिश देकर मुख्य आरोपी को धर दबोचा। पूछताछ में उसने कबूल किया कि इस कृत्य में उसके साथ कुल 11 लोग शामिल थे।
11 फरार आरोपियों की तलाश में वन विभाग की छापेमारी
पकड़े गए आरोपी ने अपने अन्य साथियों के नाम और पते उगल दिए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए वन विभाग ने अलग-अलग टीमें गठित की हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह हो सकता है जो पहले भी दुर्लभ वन्यजीवों का शिकार कर चुका है। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
शेकरू: पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण प्रजाति
शेकरू (Indian Giant Squirrel) एक दुर्लभ प्रजाति है जो घने जंगलों में पाई जाती है और पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वन्यजीवों का शिकार करना या उनके शिकार का प्रदर्शन सोशल मीडिया पर करना कानूनन जुर्म है और ऐसे मामलों में सख्त सजा का प्रावधान है।



