सीजी भास्कर, 08 जून। रायपुर, कांग्रेस विधायक उत्तरी जांगड़े ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर वर्ष 2026 के लिए खुली, पारदर्शी और समयबद्ध स्थानांतरण नीति तत्काल लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारी और अधिकारी शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन लंबे समय से स्पष्ट तबादला नीति नहीं होने के कारण कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। (Demand for open transfer policy intensifies)
कर्मचारियों और संगठनों से मिल रहे लगातार ज्ञापन : Demand for open transfer policy intensifies
विधायक जांगड़े ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि सारंगढ़ विधानसभा क्षेत्र सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से कर्मचारी संगठनों, शिक्षक संघों, स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य विभागों के कर्मचारियों द्वारा लगातार ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। इन सभी की प्रमुख मांग पारदर्शी और न्यायसंगत स्थानांतरण नीति लागू करने की है।
पारिवारिक और सामाजिक समस्याओं का करना पड़ रहा सामना
पत्र में कहा गया है कि कई कर्मचारी वर्षों से अपने गृह जिले से दूर सेवाएं दे रहे हैं। बड़ी संख्या में पति-पत्नी अलग-अलग जिलों में पदस्थ हैं, जिससे उनके पारिवारिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वहीं बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और पारिवारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी कर्मचारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
चुनावी वर्ष का भी दिया हवाला : Demand for open transfer policy intensifies
उत्तरी जांगड़े ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में यह भी कहा है कि यदि इस वर्ष कर्मचारियों को स्थानांतरण का अवसर नहीं मिला तो आगामी चुनावी तैयारियों के कारण अगले वर्ष तबादलों की संभावना कम हो सकती है। ऐसे में कर्मचारियों को वर्ष 2026 में खुली ट्रांसफर नीति लागू होने की उम्मीद है।
सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग
कांग्रेस विधायक ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आग्रह किया है कि कर्मचारियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खुली, पारदर्शी और समयबद्ध स्थानांतरण नीति तत्काल लागू की जाए। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों को राहत मिलेगी, प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और शासन के प्रति कर्मचारियों का विश्वास भी बढ़ेगा।




