सीजी भास्कर, 27 जून : धमतरी नगर निगम के सरदार वल्लभभाई पटेल वार्ड में (Dhamtari Waterlogging Issue) लगातार गंभीर होता जा रहा है। जिला जेल से निकलने वाले दूषित पानी और वार्ड के गंदे पानी की निकासी नहीं होने से कई घरों के आसपास जलभराव की स्थिति बन गई है। बदहाल व्यवस्था से नाराज वार्डवासियों ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे।
नालियों का गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा
सरदार वल्लभभाई पटेल वार्ड में जलभराव अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। जिला जेल से निकलने वाला दूषित पानी और नालियों का गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है, जिससे दुर्गंध फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। वार्डवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र की कई नालियां क्षतिग्रस्त हैं और उन पर लगे स्लैब भी टूट चुके हैं। इसके अलावा जिला जेल के शौचालय टैंक से रिसने वाला गंदा पानी लगातार मोहल्ले में फैल रहा है। बरसात शुरू होने से पहले ही हालात बिगड़ चुके हैं और बारिश बढ़ने पर स्थिति और भयावह होने की आशंका जताई जा रही है।
जलभराव के कारण बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को भी गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो पूरे इलाके में संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं।
जिला जेल के सामने धरना-प्रदर्शन करेंगे
वार्डवासियों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे परिवार सहित नगर निगम और जिला जेल के सामने धरना-प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान की जरूरत है।
इधर महापौर रामू रोहरा ने बताया कि उन्होंने स्वयं प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया है। उनके अनुसार रेलवे लाइन ऊंची होने के कारण पानी की प्राकृतिक निकासी बाधित हो रही है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए पाइपलाइन के माध्यम से पानी को नहर तक पहुंचाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
नगर निगम के अनुसार वार्ड में जलनिकासी और विकास कार्यों के लिए लगभग एक करोड़ रुपये तथा जिला जेल परिसर की जलनिकासी व्यवस्था सुधारने के लिए करीब 80 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर जेसीबी मशीनों की मदद से वैकल्पिक जलनिकासी मार्ग भी तैयार किए जाएंगे, ताकि बारिश के दौरान लोगों को राहत मिल सके।



