सीजी भास्कर, 10 सितंबर : किसानों के खेत और फसल की सही जानकारी दर्ज करने के लिए जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे (Digital Crop Survey Mungeli) का काम शुरू हो गया है। इस व्यवस्था में खेतों की जानकारी मोबाइल एप और सैटेलाइट आधारित तकनीक के जरिए ऑनलाइन दर्ज की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य खरीफ फसलों की शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित ई-गिरदावरी पूरा करना है।
खेतों में पहुंचकर हो रहा सर्वे
मुंगेली जिले में कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देश पर डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए मैदानी सत्यापन और रैंडम सत्यापन लगातार किया जा रहा है। सर्वेयर किसानों के खेतों में पहुंचकर फसल और रकबे से संबंधित जानकारी मोबाइल एप के माध्यम से दर्ज कर रहे हैं।
डिजिटल क्रॉप सर्वे (Digital Crop Survey Mungeli) के जरिए फसल क्षेत्र और उत्पादन का अधिक सटीक आकलन करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ाने और किसानों तक योजनाओं एवं सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने में भी यह व्यवस्था उपयोगी होगी।
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एडीएम ने किया निरीक्षण
अतिरिक्त कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी और मुंगेली एसडीएम अजय शतरंज ने विकासखंड मुंगेली के ग्राम धरमपुरा सहित अन्य गांवों में चल रहे सर्वे कार्य का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर सर्वे की प्रगति देखी और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्य की गुणवत्ता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डिजिटल फसल सर्वेक्षण (Digital Crop Survey Mungeli) में दर्ज की जा रही जानकारियों की जांच और मैदानी सत्यापन पर विशेष जोर दिया गया। जिले में शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित ई-गिरदावरी का कार्य 30 सितंबर 2026 तक पूरा किया जाना है।
अधिकारियों की लगाई गई ड्यूटी
कलेक्टर के निर्देश पर ई-गिरदावरी और डिजिटल क्रॉप सर्वे को तय समय-सीमा में पूरा कराने के लिए विभिन्न अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। मैदानी अमला सर्वे कार्य की निगरानी करने के साथ दर्ज जानकारी की जांच और सत्यापन भी कर रहा है।
डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्य (Digital Crop Survey Mungeli) में प्रशासन की प्राथमिकता केवल समय पर सर्वे पूरा करना नहीं, बल्कि दर्ज फसल और रकबे की जानकारी को सही एवं त्रुटिरहित रखना भी है। इसी वजह से मैदानी निरीक्षण और रैंडम सत्यापन की प्रक्रिया लगातार जारी रखी गई है।
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30 सितंबर तक पूरा होगा काम
जिला प्रशासन ने गिरदावरी कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के साथ उसकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यकतानुसार दर्ज जानकारी का सत्यापन करने को कहा गया है।
खेत और फसल की डिजिटल जानकारी (Digital Crop Survey Mungeli) उपलब्ध होने से खरीफ सीजन में फसल क्षेत्र और उत्पादन का अधिक सटीक रिकॉर्ड तैयार करने में मदद मिलेगी। प्रशासन का जोर शत-प्रतिशत कवरेज, सही डेटा और त्रुटिरहित ई-गिरदावरी पर है।
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