सीजी भास्कर, 18 नवंबर। खालसा पब्लिक स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र सार्थक सहारे के साथ हुई मारपीट (Dongargarh Student Assault Case) का मामला गंभीर रूप ले चुका है। आरोप है कि शिक्षिका प्रियंका सिंह द्वारा थप्पड़ मारने से छात्र के कान की सुनने की क्षमता पूरी तरह समाप्त हो गई। परिजनों ने मामले की शिकायत डोंगरगढ़ थाना में दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने दो शिक्षिकाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला धारा 117/2 और 3(5) के तहत दर्ज किया गया है।
घटना डोंगरगढ़ में 2 जुलाई की है। बताया गया कि पढ़ाई के दौरान सार्थक अपनी किताब निकालने में कुछ देर कर रहा था। क्लास टीचर नम्रता साहू ने नाराज होकर दूसरी शिक्षिका प्रियंका सिंह से शिकायत की। आरोप है कि प्रियंका ने गुस्से में आकर सार्थक के दोनों कानों के पास जोर से थप्पड़ मारे (School Teacher FIR CG) जिससे उसे गंभीर शारीरिक क्षति पहुंची।
स्कूल पर मामले को दबाने का आरोप
सार्थक के माता-पिता ने घटना की जानकारी पहले स्कूल प्रशासन को दी। लेकिन परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने उन्हें मामला पुलिस तक न ले जाने के लिए दबाव बनाया। प्रिंसिपल शिवप्रीत ने शुरू में गलती स्वीकार की, लेकिन बाद में परिवार को शिकायत न करने की सलाह दी। बच्चे की हालत बिगड़ने पर 14 अगस्त को सार्थक के पिता सुधाकर सहारे ने डोंगरगढ़ थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए शिक्षिकाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
(Dongargarh Student Assault Case) कान की नसें क्षतिग्रस्त
घटना के बाद छात्र को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अश्विनी शेट्टी और डॉ. मिथलेश शर्मा ने जांच में पुष्टि की कि सार्थक के कान की नसें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और उसकी सुनने की क्षमता खत्म हो गई है। फिलहाल उपचार जारी है। परिजनों ने मांग की है कि बच्चे को न्याय मिले और स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर भी कार्रवाई की जाए।


