सीजी भास्कर 16 दिसम्बर आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले के विनुकोंडा कस्बे से सामने आया मामला सिर्फ घरेलू विवाद नहीं, बल्कि सामाजिक सोच पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। नादिगड्डा गांव की रहने वाली गोपी लक्ष्मी बीते रविवार से अपने ससुराल के बाहर धरने पर बैठी हैं। उनका आरोप है कि शादी के कुछ ही समय बाद से पति और ससुराल पक्ष ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। Dowry Harassment Case ने पूरे इलाके का ध्यान खींच लिया है।
‘तू काली है’—रंगभेद बना उत्पीड़न का आधार
पीड़िता का कहना है कि उसे उसके रंग को लेकर लगातार अपमानित किया गया। पति द्वारा यह कहे जाने का आरोप लगाया गया कि वह उसे पसंद नहीं करता क्योंकि उसका रंग सांवला है। इसके साथ ही ससुराल पक्ष यह तर्क देता रहा कि उसके घर आने के बाद परिवार में अशुभ घटनाएं हो रही हैं। यह मामला Color Discrimination in Marriage की कड़वी सच्चाई को सामने लाता है।
दहेज के नाम पर लगातार दबाव
लक्ष्मी के अनुसार, शादी के समय उसके माता-पिता ने दो एकड़ जमीन गिरवी रखकर 12 लाख रुपये नकद और करीब 25 तोला सोना दिया था। बावजूद इसके, ससुराल वाले लगातार और पैसों की मांग करते रहे। पीड़िता का आरोप है कि जब उसने इसका विरोध किया तो प्रताड़ना और बढ़ा दी गई। यह स्थिति Dowry Demand Abuse की गंभीरता को दर्शाती है।
धरना शुरू होते ही ससुराल पक्ष फरार
रविवार को जब गोपी लक्ष्मी ने ससुराल के सामने धरना शुरू किया, तो पति और अन्य आरोपी घर छोड़कर चले गए। इसके बाद उसके मायके पक्ष और रिश्तेदार भी समर्थन में मौके पर पहुंचे। धरने के दौरान लक्ष्मी ने साफ कहा कि वह बिना न्याय मिले वहां से नहीं हटेंगी।
धमकी और राजनीतिक रसूख का आरोप
पीड़िता का दावा है कि ससुराल पक्ष खुद को प्रभावशाली बताकर धमकाता रहा। कहा जाता था कि शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होगी। लक्ष्मी ने आशंका जताई कि यदि आरोपियों को जमानत मिलती है तो उसे और उसके परिवार को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। यह पहलू Women Safety Issue को और गंभीर बनाता है।
पुलिस जांच शुरू, कार्रवाई की मांग
मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा से जुड़े प्रावधानों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और महिलाओं को दहेज व रंगभेद के नाम पर प्रताड़ित करने की मानसिकता पर रोक लगे।


