सीजी भास्कर, 7 सितंबर। रावांभाटा की नई बसावट और बढ़ती आबादी के बीच पेयजल संकट से राहत के लिए बड़ी पहल की गई है। पेयजल परियोजना (Drinking Water Project) के तहत बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में 10 लाख लीटर क्षमता वाली पानी टंकी का निर्माण किया जाएगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने 15वें वित्त आयोग के तहत 10 करोड़ पांच लाख 70 हजार रुपये की लागत वाली पेयजल प्रबंधन परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी दी है। इस राशि से रावांभाटा क्षेत्र में विशाल पानी टंकी के साथ शहर के विभिन्न वार्डों में पाइपलाइन का विस्तार भी किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र की जल भंडारण क्षमता बढ़ेगी और कई वार्डों में नियमित तथा पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
वार्ड नौ से 12 तक पहुंचेगा पानी
परियोजना का सबसे बड़ा लाभ बीरगांव के वार्ड क्रमांक नौ, 10, 11 और 12 को मिलने की उम्मीद है। इन चारों वार्डों में करीब 20 हजार की आबादी निवास करती है। नई बसावट वाले इन क्षेत्रों में गर्मी के दौरान पानी की मांग बढ़ने के साथ आपूर्ति की समस्या भी गंभीर हो जाती थी। नई टंकी और पाइपलाइन विस्तार से इन क्षेत्रों में पर्याप्त दबाव के साथ पानी पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत होगी।
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10 लाख लीटर होगी भंडारण क्षमता
रावांभाटा में बनने वाली पानी टंकी की क्षमता 10 लाख लीटर होगी। इससे क्षेत्र में पानी के भंडारण की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मौजूदा व्यवस्था पर बढ़ती आबादी का दबाव कम करने में भी परियोजना मददगार होगी। पाइपलाइन विस्तार के जरिए टंकी से विभिन्न वार्डों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
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गर्मी में पानी की समस्या से मिलेगी राहत
बीरगांव क्षेत्र में तेजी से हो रहे आवासीय विस्तार के कारण पेयजल व्यवस्था पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। खासकर गर्मी के दिनों में नई बसावट वाले इलाकों में पानी की समस्या सामने आती रही है। परियोजना पूरी होने के बाद आगामी गर्मी में इन वार्डों के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। निगम क्षेत्र में भविष्य की आबादी को ध्यान में रखते हुए भी यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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तय वित्तीय सीमा में होगा काम
परियोजना का क्रियान्वयन स्वीकृत 10.05 करोड़ रुपये की वित्तीय सीमा के भीतर ही किया जाएगा। कार्य शुरू करने से पहले सक्षम प्राधिकारी से तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति लेना अनिवार्य किया गया है। शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही निर्माण और अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
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डिजाइन में बदलाव के लिए अनुमति जरूरी
विभाग ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष जोर दिया है। निर्धारित समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। परियोजना के डिजाइन में बिना पूर्व अनुमति किसी भी प्रकार का बदलाव या काम का विभाजन नहीं किया जा सकेगा। इससे स्वीकृत योजना के अनुरूप ही निर्माण कार्य कराने पर जोर रहेगा।
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महापौर बोले- पेयजल व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता
बीरगांव महापौर नंदलाल देवांगन ने कहा कि बढ़ती आबादी के साथ पेयजल की सुचारू व्यवस्था निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। नई पेयजल परियोजना से वार्ड नौ से 12 सहित पूरे क्षेत्र के करीब 20 हजार लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।




