सीजी भास्कर, 07 सितम्बर। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से लोहा चोरी के मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्लांट से हजारों करोड़ रुपए का लोहा चोरी हुआ है और इसके तार मुख्यमंत्री आवास तक जुड़े हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के साथ CBI और ED से जांच कराने की मांग की। (BSP Iron Theft Case)
बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में कोयला चोरी से लेकर बस्तर में आयरन चोरी तक के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन-सी चोरी है, जो इस सरकार के दौरान नहीं हो रही है।
भाजपा विधायक की मांग पर कार्रवाई नहीं होने का सवाल : BSP Iron Theft Case
बैज ने कहा कि वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन लगातार BSP में लोहा चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं। इसके बावजूद सरकार की ओर से उनकी मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा का अपना विधायक मामले की जांच की मांग कर रहा है और सरकार उसकी बात नहीं सुन रही है, तो कई सवाल खड़े होते हैं।
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार सवालों का जवाब देने से बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोहा चोरी के तार सीएम हाउस से जुड़े हैं और यह चोरी भाजपा सरकार के संरक्षण में हुई है। बैज ने दोहराया कि मामले की जांच CBI और ED से कराई जानी चाहिए।

देवेंद्र यादव की चुप्पी पर बोले- उनसे ही पूछिए
BSP भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र में आता है, जहां से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव हैं। लोहा चोरी के मुद्दे पर उनके सक्रिय नहीं होने को लेकर जब बैज से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में देवेंद्र यादव से ही पूछा जाना चाहिए कि वह इस मुद्दे को क्यों नहीं उठा रहे हैं।
वहीं, यह मामला (BSP Iron Theft Case) पुलिस की कार्रवाई के बाद सामने आया था। दुर्ग पुलिस ने अकलोरडीह स्थित एक कबाड़ यार्ड में छापेमारी कर करीब 250 टन लौह स्क्रैप बरामद किया था। इसकी कीमत करीब 3.22 करोड़ रुपए बताई गई थी। जांच के दौरान कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, जिनमें BSP अधिकारी हिमांशु भूषण मल्लिक और इंजीनियरिंग एसोसिएट मनोज देवांगन समेत अन्य लोग शामिल थे।
मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 18 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के आरोप में CISF जवानों पर भी कार्रवाई की गई। अब तक पांच से ज्यादा आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, जिनमें कथित मास्टरमाइंड संजय सिंह भी शामिल है।



