सीजी भास्कर, 06 जुलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में महिलाओं को दिए गए लोन की किस्तों में 1 करोड़ 11 लाख 93 हजार 173 रुपये की वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक से संबद्ध सेव फाइनेंशियल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड की शिकायत पर पुलिस ने दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 267 महिला ग्राहकों से वसूली गई राशि कंपनी के खाते में जमा नहीं की गई। मामले में दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। (Durg Loan Fraud)
पुलिस के अनुसार, कंपनी बैंक की ओर से महिलाओं को लोन उपलब्ध कराने और उनकी किस्तों की वसूली का कार्य करती है। मई 2026 में धमधा शाखा के ऑडिट के दौरान पता चला कि कर्मचारियों ने ग्राहकों से वसूली गई लोन की किस्त, लोन क्लोजर की राशि और अन्य भुगतान कंपनी के खाते में जमा नहीं किए। प्रारंभिक जांच में कुछ खातों में गड़बड़ी सामने आने के बाद पूरे रिकॉर्ड की जांच की गई, जिसमें करोड़ों रुपये के गबन का खुलासा हुआ।
कंपनी ने पहले संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर राशि जमा करने और अपना पक्ष रखने का अवसर दिया था, लेकिन किसी ने न तो रकम लौटाई और न ही नोटिस का जवाब दिया। इसके बाद विस्तृत ऑडिट में सामने आया कि 267 महिला ग्राहकों से वसूली गई कुल 1.11 करोड़ रुपये से अधिक की राशि कंपनी के खाते तक पहुंची ही नहीं।
शिकायत (Durg Loan Fraud) के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के बयान जुटाए। पूछताछ के दौरान दो आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बेमेतरा जिले के साजा निवासी अनिल विश्वकर्मा (23) और दुर्ग जिले के पाटन निवासी संदीप कुमार खूंटीहरे (31) के रूप में हुई है। वहीं, पूर्व शाखा प्रबंधक रविशंकर दीवान और कर्मचारी देवव्रत कौशल अभी फरार हैं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ मामलों (Durg Loan Fraud) में ग्राहकों के एटीएम कार्ड और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी का दुरुपयोग किया गया तथा रिकॉर्ड में भी हेरफेर की गई। कंपनी का कहना है कि इस धोखाधड़ी से उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और उसकी साख भी प्रभावित हुई है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।



