सीजी भास्कर 2 अप्रैल Durg Teacher News : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिक्षकों को जनगणना और घर-घर सर्वे के कार्य में लगाए जाने से सरकारी स्कूलों की व्यवस्था चरमरा गई है। इस स्थिति से स्कूलों में तालाबंदी जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जिससे विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटकता नजर आ रहा है। शिक्षकों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए शासन के प्रति अपना रोष प्रकट किया है।
जिला प्रशासन को सौंपा गया विरोध पत्र
शिक्षण व्यवस्था में आ रही बाधा को देखते हुए ‘छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक / समग्र शिक्षक फेडरेशन’ के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को कड़ा रुख अपनाया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधीश के नाम एडीएम वीरेन्द्र सिंह और एसडीएम उत्तम ध्रुव को औपचारिक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त करने की पुरजोर मांग की गई है।
शैक्षणिक कार्यों पर पड़ रहा है बुरा असर
फेडरेशन के नेताओं का कहना है कि वर्तमान समय में शिक्षकों पर परीक्षा परिणाम तैयार करने और पढ़ाई में पिछड़े बच्चों पर विशेष ध्यान देने की बड़ी जिम्मेदारी है। शैक्षणिक सत्र के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर यदि शिक्षक स्कूलों से बाहर रहेंगे, तो छात्रों का मूल्यांकन और उनकी प्रगति रिपोर्ट समय पर तैयार करना नामुमकिन हो जाएगा।
गैर-शिक्षकीय कार्यों का बढ़ता बोझ
ज्ञापन में इस बात को प्रमुखता से उठाया गया है कि शिक्षकों को लगातार बीएलओ ड्यूटी, सर्वेक्षण, ऑनलाइन डेटा एंट्री और अन्य प्रशासनिक कामों में झोंका जा रहा है। शिक्षकों का तर्क है कि इन गैर-शिक्षकीय कार्यों की वजह से वे अपने मूल दायित्व यानी बच्चों को पढ़ाने से दूर होते जा रहे हैं, जिसका सीधा नुकसान शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।


