सीजी भास्कर, 09 अक्टूबर। आगामी नवरात्रि एवं दुर्गा उत्सव को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से दुर्ग पुलिस ने आयोजकों के साथ समन्वय (Durga Puja) बैठक की। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित इस बैठक में जिले के 150 से अधिक मध्यम एवं बड़े दुर्गा पंडालों तथा गरबा आयोजनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने आयोजकों को सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा तथा ध्वनि नियंत्रण से जुड़ी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) सौंपी।
बैठक में एएसपी (सिटी) शोभराज अग्रवाल, एएसपी (ट्रैफिक) कौशलेन्द्र पटेल, सीएसपी भिलाई नगर तथा एसडीएम भिलाई मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पंडालों का निर्माण मजबूत और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना चाहिए। भीड़ नियंत्रण के लिए प्रवेश एवं निकास द्वार अलग रखे जाएं और पंडालों में पर्याप्त स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
विद्युत व अग्नि सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य Durga Puja
प्रशासन ने पंडालों में अग्नि सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से रखने तथा बिजली की वायरिंग की जांच अधिकृत तकनीशियन से कराने के निर्देश दिए, ताकि शॉर्ट सर्किट या ओवरलोडिंग से होने वाले हादसों से बचा जा सके। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति के लिए अग्निशमन वाहन और एम्बुलेंस के आवागमन हेतु मार्ग हर हाल में बाधारहित रखने पर जोर दिया गया।
डीजे पर तय ध्वनि सीमा और गरबा में पुख्ता सुरक्षा
डीजे व ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संचालन को लेकर सर्वोच्च न्यायालय व शासन के तय डेसिबल मानकों एवं समय-सीमा का पालन अनिवार्य (Durga Puja) किया गया है। गरबा स्थलों पर महिलाओं व श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त रोशनी, सीसीटीवी निगरानी और स्वयंसेवकों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने आयोजकों और आम नागरिकों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम को देने की अपील की है।



