सीजी भास्कर, 09 अक्टूबर। अमेरिका में मतदाता सूची में शामिल लोगों की नागरिकता की जांच को लेकर राजनीतिक बहस (Voter List) तेज हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन वोटर लिस्ट में दर्ज मतदाताओं की पात्रता सत्यापित करना चाहता है। एक रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि इस प्रक्रिया से करीब 2 लाख भारतीय मूल के मतदाता प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, इतने नाम हटाए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस मुद्दे को लेकर चिंता इसलिए भी बढ़ रही है, क्योंकि रिकॉर्ड में गड़बड़ी होने पर योग्य अमेरिकी नागरिकों को भी अपनी नागरिकता साबित करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज देने पड़ सकते हैं।

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नागरिकता जांच में इस्तेमाल हो सकता है SAVE डेटाबेस Voter List
मतदाताओं की नागरिकता सत्यापित करने के लिए SAVE डेटाबेस का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह व्यवस्था नागरिकता और आव्रजन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच में मदद करती है। हालांकि, रिकॉर्ड में अंतर मिलने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति अमेरिकी नागरिक नहीं है।
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भारतीय अमेरिकी मतदाताओं पर क्यों टिकी नजर
रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में करीब 65 प्रतिशत भारतीय अमेरिकी मतदाताओं ने डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थन किया था। ऐसे में यदि जांच के दौरान योग्य मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटते हैं, तो करीबी मुकाबले वाले राज्यों में चुनावी नतीजों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
नवंबर में होने हैं मिडटर्म चुनाव
अमेरिका में नवंबर 2026 में मिडटर्म चुनाव होने हैं। ऐसे में मतदाता सूची की जांच, नागरिकता सत्यापन और वोट देने की पात्रता जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। फिलहाल, करीब 2 लाख भारतीय मूल के मतदाताओं के नाम हटने के दावे को आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं किया गया है।
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