सीजी भास्कर, 27 अगस्त : शिक्षा विभाग (Education Department Action in Chhattisgarh) ने बिलासपुर संभाग में गंभीर अनियमितताओं पर सख्त कदम उठाते हुए दो शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। कार्यालय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लोफंदी, विकासखंड बिल्हा के प्रभारी प्रधान पाठक एवं शिक्षक ललित कुमार देवांगन की एक वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी गई है। जांच प्रतिवेदन में पाया गया कि उन्होंने विद्यालय में समय सारणी संबंधी लापरवाही को छुपाया और संकुल समन्वयक की अनियमित उपस्थिति व डेली डायरी का संधारण न करने की जानकारी उच्च अधिकारियों को नहीं दी। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन माना गया।
इसी क्रम में गंभीर लापरवाही के कारण (Education Department Action in Chhattisgarh) संकुल समन्वयक एवं शिक्षक एल.बी. डीलेश्वर प्रसाद कंगण को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जांच में सामने आया कि सत्र 2025-26 में उन्होंने किसी भी कक्षा का अध्यापन कार्य नहीं किया। विद्यार्थियों से पूछताछ में भी पुष्टि हुई कि वे कक्षाओं में पढ़ाई नहीं कराते थे। साथ ही संकुल समन्वयक के दायित्वों की उपेक्षा करते हुए उन्होंने विद्यालयों का अवलोकन नहीं किया और 25 अगस्त को शासकीय प्राथमिक शाला रामनगर कछार समय से पूर्व बंद पाए जाने की सूचना उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंचाई।
जांच प्रतिवेदन के आधार पर यह गंभीर लापरवाही (Education Department Action in Chhattisgarh) छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन पाई गई। परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कंगण को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिलासपुर तय किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।