सीजी भास्कर, 02 जुलाई : बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र में करंट लगने से मौत (Electric Shock Death) का दर्दनाक मामला सामने आया है। बिजली विभाग के एक ठेका कर्मचारी की बिजली के खंभे पर मरम्मत कार्य के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। हादसा बुधवार दोपहर गड्ढापारा स्थित आईटीआई कॉलेज के पास हुआ, जहां मरम्मत के दौरान अचानक लाइन में बिजली प्रवाहित हो गई और कर्मचारी उसकी चपेट में आ गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मरम्मत के दौरान अचानक चालू हो गई बिजली लाइन
जानकारी के अनुसार, ग्राम अमाली निवासी 25 वर्षीय नीलकमल भारद्वाज पिता रामकिशुन भारद्वाज बिजली विभाग में ठेका कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। बुधवार को वह गड्ढापारा स्थित आईटीआई कॉलेज के पास बिजली के खंभे पर मरम्मत का कार्य कर रहा था। इसी दौरान अचानक लाइन में करंट दौड़ गया और वह गंभीर रूप से झुलस गया।
अस्पताल पहुंचने से पहले चली गई जान
मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल नीलकमल को खंभे से नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। जवान बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जबकि गांव में भी शोक का माहौल है।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल
घटना की सूचना मिलने के बाद कोटा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगा रही है कि मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले बिजली लाइन बंद की गई थी या नहीं। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि ठेका कर्मचारी को निर्धारित सुरक्षा उपकरण और अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराए गए थे या नहीं।
ठेका कर्मचारियों की सुरक्षा फिर सवालों के घेरे में
करंट लगने से मौत (Electric Shock Death) की इस घटना के बाद बिजली विभाग में कार्यरत ठेका कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली जैसे अत्यंत जोखिम भरे कार्यों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।



