सीजी भास्कर, 17 जून : छत्तीसगढ़ में बिजली दर वृद्धि (Electricity Tariff Hike) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बुधवार को पूरे प्रदेश में बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। कांग्रेस ने बढ़ी हुई बिजली दरों को जनविरोधी बताते हुए राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शन के दौरान कई जिलों में मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराने की भी तैयारी की गई है।
सभी जिलों में प्रदर्शन, कांग्रेस ने झोंकी ताकत
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर जिला मुख्यालयों, शहरों और ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ता आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटियों के पदाधिकारी, विधायक, पूर्व विधायक, सांसद प्रत्याशी, मोर्चा संगठन और विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि बिजली दर वृद्धि (Electricity Tariff Hike) का असर सीधे आम जनता की जेब पर पड़ेगा, इसलिए पार्टी सड़क से लेकर सदन तक इस मुद्दे को उठाएगी।
कल होगी प्रेस कॉन्फ्रेंस
कांग्रेस ने आंदोलन को दो चरणों में संचालित करने की घोषणा की है। पहले चरण में बिजली विभाग कार्यालयों का घेराव और विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, जबकि दूसरे चरण में 18 जून को जिला स्तर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इस दौरान पार्टी बिजली दर वृद्धि के खिलाफ अपना विस्तृत पक्ष जनता के सामने रखेगी।
कांग्रेस बोली- जनता, व्यापारियों और किसानों पर बढ़ेगा बोझ
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा सरकार ने बिजली दरों में वृद्धि कर घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे व्यापारियों और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। पार्टी का कहना है कि पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता पर अब बिजली बिल का अतिरिक्त भार पड़ने वाला है। कांग्रेस ने सरकार से बढ़ी हुई दरों को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
जानिए कितनी बढ़ी हैं बिजली दरें
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों को मंजूरी प्रदान की है। आयोग के निर्णय के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक वृद्धि की गई है। वहीं व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी लागू की गई है।
इसके अलावा कृषि पंपों की बिजली दरों में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि स्वीकृत की गई है। हालांकि आयोग ने बिजली कंपनी द्वारा प्रस्तावित लगभग 24 प्रतिशत वृद्धि को स्वीकार नहीं किया और औसतन 6.23 प्रतिशत बढ़ोतरी को ही मंजूरी दी है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी।
आयोग का दावा- अधिकांश उपभोक्ताओं पर असर सीमित
CSERC के सचिव सूर्य प्रकाश शुक्ला के अनुसार औसतन 40 से 42 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। उन्होंने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के निचले स्लैब में 30 पैसे और ऊपरी स्लैब में 50 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी हुई है।
आयोग का दावा है कि बिजली बिल हाफ योजना के तहत 400 यूनिट तक मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक की छूट मिलती रहेगी। प्रदेश के लगभग 70 से 75 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता इसी श्रेणी में आते हैं, इसलिए उन पर नई दरों का प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहेगा। आयोग के अनुसार बिजली वितरण कंपनी को एक यूनिट बिजली उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में औसतन 7.13 रुपये खर्च हो रहे हैं, जबकि वर्तमान दरों के आधार पर उसे प्रति यूनिट 6.71 रुपये की आय प्राप्त हो रही है।





