रायगढ़, 08 नवंबर। Elephant Death in Raigarh के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। तमनार वन परिक्षेत्र में बिजली के करंट की चपेट में आकर एक जंगली हाथी की मौत हो गई थी। इस गंभीर प्रकरण में वन विभाग ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक कुल 10 लोग हिरासत में लिए जा चुके हैं।
करंट बिछाकर किया गया था शिकार का प्रयास
वन विभाग की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने अपने खेतों की मेड़ पर जंगली सूअर के शिकार के लिए अवैध रूप से बिजली का करंट प्रवाहित तार (Electric Fence) लगाया था। दुर्भाग्यवश उसी तार की चपेट में एक हाथी आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
विभाग के अधिकारियों ने तुरंत जांच शुरू की और साक्ष्य एकत्र करने के बाद एक के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
Elephant Death in Raigarh: सभी आरोपी कानून के शिकंजे में
वन विभाग ने बताया कि इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ Wildlife Protection Act, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
नवगठित आरोपियों में ग्राम नूनदरहा के लक्ष्मीराम पिता भगतराम, रामप्रसाद पिता दया, मोहन पिता पालिस राम, तथा ग्राम केराखोल के महावीर पिता मालिकराम और घसियाराम पिता लछन यादव शामिल हैं। इससे पहले बसंत राठिया, वीर सिंह मांझी, रामनाथ राठिया, देवनारायण राठिया और जयलाल मांझी को गिरफ्तार किया जा चुका है।
न्यायिक प्रक्रिया और आगे की जांच शुरू
सभी गिरफ्तार व्यक्तियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
वन विभाग ने इस घटना को बेहद गंभीर मानते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति द्वारा वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
Elephant Death in Raigarh: वन्यजीव सुरक्षा को लेकर बढ़ी सख्ती
विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि Elephant Conservation और वन्यजीव सुरक्षा राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी क्षेत्र में अवैध करंट फेंसिंग या शिकार जैसी गतिविधियाँ न हो सकें।
ग्रामीणों ने मांगी सख्त निगरानी
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों की नियमित आवाजाही होती है, ऐसे में बिजली के खुले तारों और अवैध जाल पर सख्त रोक जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वन क्षेत्रों में सुरक्षा पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या करंट फेंसिंग की जानकारी तुरंत वन अधिकारियों को दें।
Elephant Death in Raigarh: इंसान और वन्यजीव के बीच संतुलन ही असली समाधान
रायगढ़ हाथी मौत मामला (Elephant Death in Raigarh) केवल एक घटना नहीं, बल्कि चेतावनी है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो इंसान और प्रकृति दोनों को नुकसान झेलना पड़ेगा।
वन विभाग की यह सख्त कार्रवाई आने वाले समय में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने में अहम भूमिका निभा सकती है।


