सीजी भास्कर, 6 सितंबर : महंगाई भत्ता, एरियर और नियमितीकरण समेत 5 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के कर्मचारी, अधिकारी और पेंशनर्स अब आंदोलन की तैयारी में हैं। एक मांग-एक मंच अभियान के तहत 11 सितंबर को भोजनावकाश के दौरान सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा। कर्मचारियों का यह प्रदर्शन (Employee Protest) अपनी लंबित मांगों को लेकर होगा। इसके बाद मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
- इंद्रावती भवन के सामने जुटेंगे कर्मचारी Employee Protest
- 86 महीने का एरियर और जनवरी 2026 से DA की मांग
- नियमितीकरण और बहाली की मांग
- 50 से ज्यादा संगठनों का समर्थन
- संगठनों ने अपने-अपने कर्मचारियों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में पहुंचने की अपील की है।
- कर्मचारियों की 5 प्रमुख मांगें
- ज्ञापन सौंपकर रखेंगे मांगें

यह भी पढ़ें…Youth Employment Chhattisgarh: 18 हजार युवाओं को ट्रेनिंग, 9 हजार सरकारी पदों पर भर्ती शुरू
इंद्रावती भवन के सामने जुटेंगे कर्मचारी Employee Protest
11 सितंबर को कर्मचारी इंद्रावती भवन के सामने प्रदर्शन (Employee Protest) करेंगे। इसमें नियमित और अनियमित कर्मचारियों के साथ अधिकारी और पेंशनर्स भी शामिल होंगे। नवा रायपुर और इंद्रावती भवन के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों से भी प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की गई है।
आयोजकों का कहना है कि लंबे समय से कर्मचारियों की कई मांगें लंबित हैं। सरकार और प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण आंदोलन का फैसला लिया गया है।
यह भी पढ़ें…Bhim Army Mungeli: गितेश टंडन बने जिला अध्यक्ष, छह पदाधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
86 महीने का एरियर और जनवरी 2026 से DA की मांग
कर्मचारी संगठनों की सबसे प्रमुख मांग जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता यानी DA जारी करने की है। इसके साथ ही 86 महीने का एरियर देने की मांग भी की गई है।
संगठनों का कहना है कि न्यूनतम वेतन में पिछले 9 साल से कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। वहीं संविदा वेतन में भी पिछले 3 साल से वृद्धि नहीं हुई है। इससे अनियमित कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
यह भी पढ़ें…Electricity Bill e-KYC: राजधानी में कल से बिजली कनेक्शन का सत्यापन, साथ ले जाना होगा आधार और बिल
नियमितीकरण और बहाली की मांग
कर्मचारी संगठनों ने अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग उठाई है। इसके साथ ही निकाले गए कर्मचारियों की बहाली की मांग भी शामिल है।
न्यून मानदेय पाने वाले कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन देने और अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन करने की मांग की गई है। आउटसोर्सिंग और ठेका व्यवस्था के जरिए कर्मचारियों की नियुक्ति बंद करने की मांग भी आंदोलन में शामिल है।
50 से ज्यादा संगठनों का समर्थन
आयोजकों के मुताबिक कर्मचारी प्रदर्शन (Employee Protest) को 50 से ज्यादा कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिला है। पेंशनर्स, स्वास्थ्य कर्मचारी, महिला एवं बाल विकास विभाग और वन विभाग से जुड़े कर्मचारी संगठन भी इसमें शामिल होने की तैयारी में हैं।
संगठनों ने अपने-अपने कर्मचारियों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में पहुंचने की अपील की है।
यह भी पढ़ें…Electricity Bill News: 11 सितंबर से कटेगा कनेक्शन, सरकारी विभागों में छाएगा अंधेरा
कर्मचारियों की 5 प्रमुख मांगें
1. महंगाई भत्ता और एरियर: जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता दिया जाए और 86 महीने का एरियर जारी किया जाए।
2. नियमितीकरण और न्यूनतम वेतन: अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण हो। निकाले गए कर्मचारियों की बहाली की जाए। न्यूनतम वेतन लागू किया जाए। आउटसोर्सिंग और ठेका व्यवस्था बंद की जाए।
3. पुरानी पेंशन योजना: नगरीय निकाय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।
4. ठेका पद्धति खत्म हो: स्वास्थ्य विभाग में लैब और फार्मेसी से जुड़ी ठेका पद्धति समाप्त की जाए।
5. कैशलेस इलाज: नियमित-अनियमित कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए मध्यप्रदेश की तर्ज पर 20 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा लागू की जाए।
ज्ञापन सौंपकर रखेंगे मांगें
कर्मचारी प्रदर्शन (Employee Protest) के बाद संगठनों की ओर से मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। संगठनों का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य लंबित मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।
11 सितंबर के प्रदर्शन के बाद सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर कर्मचारी संगठनों की नजर रहेगी।



