सीजी भास्कर, 13 फरवरी। खैरागढ़ के ग्राम हिरावाही में 1 मार्च 2023 की रात हुए सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने आरोपी को उम्रकैद (Khairagarh Murder Verdict) की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायालय खैरागढ़ ने 12 फरवरी 2026 को आरोपी धनंजय बाग उर्फ भाईजान उर्फ सोनू को दोषी ठहराते हुए सश्रम आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया।
घटना की रात गांव के तालाब में मछली पालन की चौकीदारी कर रहे अशोक बर्मन और उनके साथी मोहन राय झोपड़ी में बैठकर खाना खा रहे थे। रात करीब 11 बजे धनंजय बाग वहां पहुंचा और दोनों पर पैसे चोरी करने का आरोप लगाने लगा। पहले कहासुनी हुई, फिर धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
गुस्से में बेकाबू आरोपी ने अशोक बर्मन के साथ मारपीट की और उन्हें दौड़ाते हुए तालाब तक ले गया। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, वहां आरोपी ने अशोक को जबरन पानी में धक्का देकर (Khairagarh Murder Verdict) डुबो दिया। कुछ ही पलों में अशोक की सांसें थम गईं। जब तक गांव वाले और मदद पहुंचती, बहुत देर हो चुकी थी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को तालाब के पास से हिरासत में लिया गया। उसके भीगे कपड़े और घटनास्थल से मिला डंडा जब्त किया गया। हत्या का मामला दर्ज कर जांच पूरी की गई और आरोप पत्र अदालत में पेश किया गया।
करीब तीन साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। सजा सुनाए जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
एक मामूली आरोप, एक रात का गुस्सा और एक परिवार का उजड़ जाना – यह घटना पूरे गांव को झकझोर (Khairagarh Murder Verdict) गई थी। अब अदालत के फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय की एक उम्मीद जरूर मिली है, लेकिन यह सच्चाई भी उतनी ही कड़वी है कि खोया हुआ जीवन कभी लौटकर नहीं आ सकता।




