रिपोर्टर – आशुतोष सिंह राजपूत
सीजी भास्कर, 24 जून। मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही जिले में संभावित जलभराव और बाढ़ की आशंका को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर (Flood Preparedness) दी हैं। गांवों से लेकर पर्यटन स्थलों तक सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जा रही है ताकि बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। इसी को लेकर मंगलवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अधिकारियों के बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों, राहत व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। प्रशासन का जोर इस बात पर रहा कि किसी भी स्थिति में जानमाल का नुकसान न हो और प्रभावित क्षेत्रों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके
कलेक्टर ने ली बाढ़ आपदा प्रबंधन समिति की बैठक Flood Preparedness
कलेक्टर श्री बीएस उइके ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बाढ़ आपदा प्रबंधन समिति की बैठक लेकर विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अत्यधिक जलभराव वाले क्षेत्रों का चिन्हांकन कर समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष रूप से वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर ध्यान देने को कहा। साथ ही बारिश के मौसम में फैलने वाली मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
पर्यटन स्थलों पर बढ़ाई जाएगी सुरक्षा
बैठक में जिले के जलप्रपातों, धार्मिक स्थलों और पर्यटन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने ऐसे स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने तथा जरूरत के अनुसार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए।
उन्होंने बाढ़ संभावित क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों पर रेडियम पट्टी युक्त सूचना बोर्ड लगाने को भी कहा, ताकि लोगों को खतरे की स्थिति में समय पर जानकारी मिल सके।
चौबीस घंटे सक्रिय रहेगा नियंत्रण कक्ष
जिले में बाढ़ आपदा से संबंधित सूचना प्राप्त करने के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। किसी भी क्षेत्र में अत्यधिक जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति बनने पर नागरिक फोन नंबर 07706 241288 पर सूचना दे सकते हैं।
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को अपने अपने अनुविभागों में भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित करने तथा नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर उन्हें सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रभावित गांवों में पहले से होगी व्यवस्था
प्रशासन ने पूर्व में बाढ़ प्रभावित रहे क्षेत्रों की पहचान कर वहां आवश्यक तैयारियां शुरू करने (Flood Preparedness) को कहा है। कलेक्टर ने ऐसे गांवों में राहत शिविर और अस्थायी ठहराव की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।
खाद्यान्न और पेयजल पर विशेष जोर
बैठक में पंचायत स्तर पर पर्याप्त खाद्यान्न भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। साथ ही जरूरत के अनुसार ब्लीचिंग पाउडर और अन्य आवश्यक सामग्री की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए ताकि बारिश के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को रोका जा सके।





