सीजी भास्कर, 07 जून : खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI Rules Protest) के नियमों को लेकर रायगढ़ सहित देशभर के छोटे और मध्यम व्यापारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि बार-बार लाइसेंस नवीनीकरण, अनिवार्य प्रशिक्षण और जटिल प्रक्रियाओं के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री Chirag Paswan को ज्ञापन सौंपकर नियमों में व्यावहारिक सुधार की मांग की है।
CAIT के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन अमर पारवानी ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया व्यापारियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक और प्रशासनिक बोझ बन गई है। उनका कहना है कि व्यापारियों का समय और संसाधन अनावश्यक औपचारिकताओं में खर्च हो रहे हैं, जबकि इन्हें व्यापार विस्तार और उपभोक्ता सेवा में लगाया जाना चाहिए।
लाइसेंस को आजीवन वैध करने की मांग
रायगढ़ के प्रमुख व्यापारी नेताओं रामनिवास मोड़ा, पवन बसंतानी, संतोष अग्रवाल, किशोर तलरेजा, महेश जेठानी और मनीष उदासी ने मांग की है कि यदि किसी व्यवसाय के पते, स्वामित्व या प्रकृति में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता है, तो FSSAI लाइसेंस को आजीवन वैध (Lifetime Validity) किया जाना चाहिए।
व्यापारियों (FSSAI Rules Protest) का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में निर्धारित अवधि के बाद बार-बार नवीनीकरण कराना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। उनका मानना है कि इससे व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा मिलेगा और छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी।
FoSTaC प्रशिक्षण से छूट की मांग
व्यापारिक संगठनों ने यह भी मांग उठाई है कि केवल सीलबंद और ब्रांडेड खाद्य उत्पादों की बिक्री करने वाले व्यापारियों को FoSTaC (Food Safety Training and Certification) प्रशिक्षण की अनिवार्यता से छूट दी जाए। व्यापारियों का तर्क है कि वे खाद्य पदार्थों का निर्माण, प्रसंस्करण या पैकेजिंग नहीं करते, बल्कि केवल बिक्री का कार्य करते हैं। ऐसे में उनके लिए अनिवार्य प्रशिक्षण का कोई विशेष औचित्य नहीं है।
व्यापारियों ने बताया राहत की जरूरत
रायगढ़ के व्यापारिक समुदाय से जुड़े सुनील अग्रवाल, संजय रातेरिया, रवि सूखेजा, कमलेश मोटवानी, प्रमोद अग्रवाल, सत्यराम साहू, हितेश बत्ता, सुरेश रोड़ा, भारत बलेचा, त्रिलोक आहूजा, अभिषेक गुप्ता, विजय खत्री और प्रकाश मेहनी सहित कई व्यापारियों ने कहा कि सरकार यदि इन सुझावों को स्वीकार करती है तो छोटे और मध्यम व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
व्यापारियों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक है, लेकिन नियमों को इतना जटिल नहीं बनाया जाना चाहिए कि वे कारोबार के लिए बाधा बन जाएं। उनका मानना है कि सुरक्षा और व्यापार सुगमता के बीच संतुलन बनाकर बेहतर व्यवस्था विकसित की जा सकती है।
केंद्रीय मंत्री से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद
CAIT प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि केंद्रीय मंत्री Chirag Paswan व्यापारियों की मांगों पर सकारात्मक विचार करेंगे। उनका कहना है कि छोटे और मध्यम व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी समस्याओं के समाधान से व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।



