सीजी भास्कर, 19 अप्रैल : गरियाबंद जिले के छुरा तहसील में पदस्थ पटवारी खेमचंद साहू (Gariaband Patwari Bribery Case) पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और ऑडियो क्लिप में कथित रूप से पटवारी द्वारा काम के एवज में पैसे मांगने और उच्च अधिकारियों तक रकम पहुंचाने जैसी बातें सामने आने के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया है, जिसे रिश्वत कांड के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, हल्का क्रमांक 28 दूल्ला एवं 36 केवटीझर में पदस्थ पटवारी खेमचंद साहू के खिलाफ वायरल सामग्री में कथित रूप से राजस्व संबंधी कार्यों के बदले अवैध वसूली किए जाने का आरोप सामने आया। वायरल वीडियो और ऑडियो क्लिप में रिश्वत की बातचीत उजागर होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रारंभ की गई। यह पूरा मामला भ्रष्टाचार प्रकरण (Gariaband Patwari Bribery Case) के तौर पर सामने आया है।
प्रारंभिक जांच में मामला प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितता और भ्रष्टाचार से जुड़ा पाए जाने पर कलेक्टर बीएस उइके ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए खेमचंद साहू को निलंबित करने का आदेश जारी किया। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-09 के तहत की गई है। प्रशासन की यह सख्ती कार्रवाई मामला (Gariaband Patwari Bribery Case) में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
निलंबन अवधि के दौरान पटवारी खेमचंद साहू का मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय, भू-अभिलेख शाखा, जिला गरियाबंद निर्धारित किया गया है। प्रशासनिक नियमों के अनुसार उन्हें इस अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। वहीं कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आगे कठोर विभागीय कार्रवाई की जा सके। इस पूरे घटनाक्रम को जांच प्रक्रिया (Gariaband Patwari Bribery Case) के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।



