सीजी भास्कर, 10 अप्रैल। भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की बड़ी कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) अब एक नए युग की शुरुआत (Gautam Adani Infrastructure Deal) करने जा रही है। कर्ज के बोझ और कानूनी पेचदगियों में फंसी जेपी एसोसिएट्स की चाबी अब देश के दिग्गज कारोबारी गौतम अडानी के हाथों में होगी।
इस बड़े बदलाव पर कंपनी के फाउंडर जयप्रकाश गौड़ ने खुद अपनी मुहर लगा दी है। उन्होंने एक बयान जारी कर विश्वास जताया है कि अडानी ग्रुप के नेतृत्व में कंपनी की विरासत न केवल सुरक्षित रहेगी, बल्कि नई ऊर्जा और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ेगी। गौड़ ने कहा कि यह फैसला होमबायर्स, कर्मचारियों और निवेशकों के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
कर्जदाताओं ने अडानी के रेजोल्यूशन प्लान को दी हरी झंडी (Gautam Adani Infrastructure Deal)
जेपी एसोसिएट्स के कर्जदाताओं की समिति (CoC) ने अडानी ग्रुप को ‘सफल रेजोल्यूशन एप्लिकेंट’ घोषित किया है। जयप्रकाश गौड़ ने इस फैसले का सम्मान करते हुए पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बताया। दरअसल, जेपी एसोसिएट्स पिछले कई वर्षों से भारी वित्तीय संकट और दिवालिया प्रक्रिया (Insolvency Process) से गुजर रही थी।
अडानी ग्रुप के आने से अब कंपनी के फंसे हुए प्रोजेक्ट्स को रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है। जयप्रकाश गौड़ का मानना है कि गौतम अडानी की कार्यकुशलता और संसाधन कंपनी को दोबारा पटरी पर लाने में सक्षम हैं।
वेदांता से मुकाबला और सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत
अडानी ग्रुप के लिए यह टेकओवर आसान नहीं था। रेजोल्यूशन प्रोसेस के दौरान वेदांता ग्रुप ने भी कड़ी चुनौती (Gautam Adani Infrastructure Deal) पेश की थी। वेदांता का दावा था कि उनकी बोली ज्यादा बेहतर है, लेकिन बैंकों और कर्जदाताओं ने अडानी के प्लान को प्राथमिकता दी।
इसके पीछे मुख्य कारण अडानी ग्रुप द्वारा ज्यादा नकद भुगतान, जल्दी सेटलमेंट और प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने का ठोस रोडमैप था। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने भी टेकओवर प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिससे अडानी ग्रुप के लिए जेपी एसोसिएट्स की चाबी संभालने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया।
बुद्ध सर्किट से लेकर टाउनशिप तक की विरासत अब अडानी के पास
1979 में शुरू हुई जेपी एसोसिएट्स ने देश को कई प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स (Gautam Adani Infrastructure Deal) दिए हैं। बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (F1 ट्रैक), बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स और जयपी विश टाउन जैसी विशाल टाउनशिप कंपनी की पहचान रही हैं। वित्तीय संकट के कारण इन प्रोजेक्ट्स में निवेश करने वाले हजारों होमबायर्स सालों से अधर में लटके थे।
अब अडानी ग्रुप की एंट्री के साथ ही इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने की उम्मीद फिर से जिंदा हो गई है। यह डील न केवल अडानी ग्रुप के पोर्टफोलियो को मजबूती देगी, बल्कि रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट में एक बड़ा भरोसा भी कायम करेगी।


