सीजी भास्कर, 03 जुलाई : गोंचा महापर्व (Goncha Festival 2026) को लेकर बस्तर में तैयारियां तेज हो गई हैं। बस्तर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान माने जाने वाले इस ऐतिहासिक पर्व के दौरान इस वर्ष भी नौ दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान, महाभंडारा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभिन्न पारंपरिक आयोजन होंगे। आयोजन को अधिक भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए मंदिर समिति ने शासन से आर्थिक सहयोग की मांग की है।
9 दिनों तक रहेगा आस्था और संस्कृति का संगम
मंदिर समिति के अनुसार गोंचा महापर्व (Goncha Festival 2026) के दौरान प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान, महाभंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक और पर्यटक पर्व में शामिल होंगे, जिससे पूरे जगदलपुर और बस्तर क्षेत्र में उत्सव का माहौल रहेगा।
शासन को भेजा गया 18 लाख रुपए का प्रस्ताव
समिति ने बताया कि पिछले वर्षों में संस्कृति विभाग की ओर से आयोजन के लिए 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती रही है। इस बार बढ़ती व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए तहसीलदार के माध्यम से शासन को 18 लाख रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि आयोजन को और अधिक भव्य बनाया जा सके।
प्रशासन के साथ होगी तैयारियों को लेकर बैठक
मंदिर समिति के सदस्य नरेंद्र पाणिग्राही ने बताया कि जल्द ही तहसीलदार और कलेक्टर के साथ बैठक कर गोंचा महापर्व (Goncha Festival 2026) की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और शासन से मिलने वाले सहयोग पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन और समिति के समन्वय से इस वर्ष का आयोजन पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और आकर्षक होगा।
बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है गोंचा महापर्व
गोंचा महापर्व (Goncha Festival 2026) बस्तर की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। हर वर्ष इस पर्व में प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु और पर्यटक शामिल होते हैं। यह आयोजन बस्तर की लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था और पारंपरिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है।



