सीजी भास्कर 9 मई I बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मुंबई की युवा पर्वतारोही ग्रिहिता विचारे ने छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची चोटी ‘गौरलाटा पीक’ पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस अभियान के जरिए उन्होंने ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ का संदेश दिया। (Grihita reached the highest peak of Chhattisgarh)
पिता के साथ अभियान में शामिल हुईं ग्रिहिता : Grihita reached the highest peak of Chhattisgarh
इस पर्वतारोहण अभियान में ग्रिहिता के साथ उनके पिता सचिन विचारे भी मौजूद रहे। महाराष्ट्र के मुंबई की रहने वाली ग्रिहिता ने कम उम्र में ही कई अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इनमें एवरेस्ट बेस कैंप, अफ्रीका की माउंट किलिमंजारो और मलेशिया की माउंट किनाबालु जैसी ऊंची चोटियां शामिल हैं।
गौरलाटा पीक पर हुआ आत्मीय स्वागत
अभियान के दौरान सरपंच संघ के अध्यक्ष संतोष इंजीनियर ने ग्रिहिता विचारे का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन व सहयोग प्रदान किया। इस दौरान उन्हें भविष्य में माउंट एवरेस्ट फतह करने के लिए शुभकामनाएं भी दी गईं।
‘ऐसी प्रतिभाएं देश का गौरव हैं’ : सरपंच संघ अध्यक्ष
सरपंच संघ के अध्यक्ष संतोष इंजीनियर ने कहा कि ऐसी प्रतिभाएं देश का गौरव होती हैं। उन्होंने कहा कि युवा पर्वतारोही साहस, अनुशासन और प्रकृति प्रेम का संदेश देती हैं। ऐसे अभियान छत्तीसगढ़ के पर्वतीय क्षेत्रों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। (Grihita reached the highest peak of Chhattisgarh)
क्षेत्रवासियों ने जताई खुशी
ग्रिहिता विचारे की इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों और पर्वतारोहण प्रेमियों ने हर्ष व्यक्त किया है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगे भी नई ऊंचाइयां छूने की शुभकामनाएं दीं।


