सीजी भास्कर, 31 जनवरी | High Speed Rail Trial : बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन परियोजना के तहत कोतरलिया–रायगढ़–किरोड़ीमल नगर–भूपदेवपुर खंड में नई चौथी लाइन पर हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया। शुक्रवार को 26.1 किलोमीटर लंबे इस सेक्शन में 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाकर ट्रायल लिया गया।
26.1 KM विद्युतीकृत ट्रैक पर दौड़ी ओएमएस कोच वाली ट्रेन
नई चौथी लाइन पर ओएमएस कोच के साथ हाई-स्पीड ट्रेन चलाई गई, जिससे ट्रैक की मजबूती, संतुलन और सुरक्षा मानकों की जांच की गई। यह पूरा सेक्शन पूरी तरह विद्युतीकृत है और चौथी लाइन के रूप में तैयार किया गया है, जिससे भविष्य में माल और यात्री ट्रेनों की क्षमता बढ़ेगी।
CRS ने किया तकनीकी निरीक्षण, हर सिस्टम की परख
रेलवे सेफ्टी आयुक्त (CRS) बीके मिश्रा ने रायगढ़ पहुंचकर इस नई चौथी लाइन का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केबिन, पैनल रूम, यार्ड, इंटरलॉकिंग सिस्टम, प्वाइंट्स, क्रॉसिंग, ओएचई लाइन, पुलों और सिग्नलिंग उपकरणों की गहन जांच की गई।
मोटर ट्रॉली से लेकर हाई-स्पीड रन तक हुआ परीक्षण
तकनीकी जांच के बाद मोटर ट्रॉली के जरिए पूरे सेक्शन का निरीक्षण किया गया। इसके पश्चात हाई-स्पीड ट्रेन चलाकर स्पीड ट्रायल लिया गया, जिससे ट्रैक की स्थिरता और ऑपरेशनल रेडीनेस को परखा गया। सभी मापदंडों पर ट्रैक संतोषजनक पाया गया।
बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन में बढ़ेगी ट्रेनों की क्षमता
बिलासपुर रेल मंडल के अंतर्गत लगभग 206 किलोमीटर लंबे बिलासपुर–झारसुगुड़ा रेल खंड में तीसरी और चौथी लाइन का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। इस नई चौथी लाइन के शुरू होने से इस रूट पर ट्रेनों की गति, समयबद्धता और माल परिवहन की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
परिचालन की दिशा में एक और कदम आगे
सफल ट्रायल के बाद अब इस सेक्शन पर नियमित परिचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह चौथी लाइन न केवल भीड़ कम करेगी, बल्कि लंबे समय से व्यस्त इस कॉरिडोर को अधिक सुचारु बनाएगी।


