सीजी भास्कर, 2 मई । वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने का असर अब आम जनता पर भी साफ दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे कई देशों में पेट्रोल और डीजल महंगे हो गए हैं। हालात ऐसे बन रहे हैं कि ईंधन की कीमतें लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। (Petrol and diesel prices surge)
कीमतों में तेज बढ़ोतरी : Petrol and diesel prices surge
हालिया बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल की कीमत में करीब 6.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल में लगभग 19.39 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। इस बढ़ोतरी के बाद कई स्थानों पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें 400 रुपये प्रति लीटर के करीब या उससे ऊपर पहुंच गई हैं। एक्स-डिपो स्तर पर कीमतें थोड़ी कम दिखाई दे रही हैं, लेकिन रिटेल स्तर पर अतिरिक्त चार्ज जुड़ने से उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ पड़ रहा है।
वैश्विक संकट बना मुख्य कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई में कमी इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह है। खासतौर पर ईरान से तेल आपूर्ति प्रभावित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इसका सीधा असर कई देशों के ईंधन बाजार पर पड़ा है।
सरकार के राहत उपाय और आगे की आशंका
कीमतों में बढ़ोतरी के बीच सरकार ने टैक्स में कुछ कटौती और परिवहन क्षेत्र के लिए सीमित अवधि की सब्सिडी देने जैसे कदम उठाए हैं। हालांकि जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतें और बढ़ सकती हैं, यहां तक कि 500 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। (Petrol and diesel prices surge)


