सीजी भास्कर, 2 मई । भिलाई नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक गड़बड़ियों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक बैठक में पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने निगम की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए बड़े आंदोलन की घोषणा की है। 4 मई को निगम का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। (Politics heats up over alleged corruption in Bhilai Corporation)
भ्रष्टाचार के आरोपों पर उठे सवाल : Politics heats up over alleged corruption in Bhilai Corporation
बैठक में गठित जांच समिति ने निगम में आर्थिक अनियमितताओं को लेकर कई बिंदुओं पर सवाल उठाए। इसमें शिक्षा उपकर की राशि, भूखंडों की नीलामी से प्राप्त धन का उपयोग, तालाब क्षेत्र की जमीन की नीलामी और नियमों के विरुद्ध लिए गए निर्णय शामिल हैं। समिति ने इन मामलों की जांच की जरूरत बताई।
महापौर और आयुक्त पर मिलीभगत का आरोप
पार्षदों ने महापौर और निगम आयुक्त पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता की कमी है। उनका दावा है कि शिकायतों के बावजूद सुधार नहीं हुआ, जिससे जनता से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं।
जनसमस्याओं को लेकर प्रदर्शन की तैयारी
नेताओं ने आरोप लगाया कि गर्मी के मौसम में पानी की कमी, सफाई व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है। इसी के विरोध में 4 मई को निगम का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। आंदोलन की जिम्मेदारी छह सदस्यीय समिति को सौंपी गई है और तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।


