सीजी भास्कर, 20 जून : जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण थाना क्षेत्र स्थित संतला तालाब के पास एक नर कंकाल (Human Skeleton Found) मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। प्रारंभिक जांच में कंकाल की पहचान करीब एक वर्ष से लापता युवक शिव कुमार यादव के रूप में होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि मौत के कारणों का खुलासा अभी नहीं हो सका है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
तालाब किनारे बिखरे मिले कंकाल के अवशेष
जानकारी के अनुसार, संतला तालाब के पास स्थानीय लोगों ने मानव कंकाल जैसा कुछ देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही शिवरीनारायण थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस को कंकाल के अवशेष अलग-अलग स्थानों पर बिखरे हुए मिले, जिन्हें सावधानीपूर्वक एकत्र कर जांच के लिए भेजा गया।
घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को एक पेड़ की डाली से बंधा हुआ गमछा भी मिला। उसी पेड़ के नीचे सिर का कंकाल पाए जाने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया।
गमछे से मिला पहचान का सुराग
पुलिस के अनुसार, मौके से बरामद गमछे को मृतक के पिता ने अपने पुत्र शिव कुमार यादव का बताया है। इसी आधार पर कंकाल की प्रारंभिक पहचान लापता युवक के रूप में की जा रही है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अंतिम पुष्टि डीएनए जांच और वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद ही की जाएगी।
एक वर्ष पहले दर्ज हुई थी गुमशुदगी
जांच में सामने आया है कि शिव कुमार यादव मानसिक रूप से अस्वस्थ था। उसके अचानक लापता होने के बाद परिजनों ने शिवरीनारायण थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद परिवार और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिला।
अब करीब एक वर्ष बाद कंकाल मिलने से परिवार में शोक और असमंजस की स्थिति है। परिजन भी जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
आत्महत्या समेत सभी एंगल पर जांच
घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस आत्महत्या, दुर्घटना और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फोरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
डीएनए रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
पुलिस ने कंकाल के अवशेषों को पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेज दिया है। साथ ही डीएनए सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं, ताकि पहचान की आधिकारिक पुष्टि की जा सके। जांच एजेंसियों का मानना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कंकाल वास्तव में शिव कुमार यादव का है या नहीं, और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।





