सीजी भास्कर, 10 सितंबर : छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के राष्ट्रीय कृषि शिक्षा अधिमान्यता बोर्ड ने ‘ए ग्रेड’ अधिमान्यता (IGKV A Grade) प्रदान की है। विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों और स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध कार्यक्रमों को मार्च 2024 से मार्च 2029 तक की अवधि के लिए यह मान्यता दी गई है।
बी ग्रेड से ए ग्रेड तक
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से जारी अधिमान्यता सूची में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को देश के उत्कृष्ट कृषि विश्वविद्यालयों में स्थान मिला है। वर्ष 2019 में जारी अधिमान्यता सूची में विश्वविद्यालय को ‘बी ग्रेड’ मिला था। इसके बाद पिछले चार वर्षों में शिक्षण, अनुसंधान और कृषि प्रसार के क्षेत्र में किए गए प्रयासों के आधार पर विश्वविद्यालय ने अपनी ग्रेडिंग में सुधार किया है।
ए ग्रेड अधिमान्यता (IGKV A Grade) मिलने पर विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साख बढ़ने की उम्मीद है। इससे केंद्र सरकार, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, राज्य सरकार, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और अन्य अनुसंधान संस्थाओं से शिक्षण एवं शोध कार्यक्रमों के लिए वित्तीय सहयोग मिलने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
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कृषि शिक्षा में बढ़ी साख
विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि से कृषि शिक्षा और अनुसंधान (IGKV A Grade) के क्षेत्र में उसकी स्थिति और मजबूत होगी। अच्छे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की ओर आकर्षित करने, दूसरे विश्वविद्यालयों एवं विदेशी संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने तथा कृषि अनुसंधान और औद्योगिक सहयोग को विस्तार देने में भी इसका लाभ मिल सकता है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की अधिमान्यता प्रक्रिया में शिक्षण व्यवस्था, शिक्षण अधोसंरचना, शोध एवं अनुसंधान का स्तर, किसानों तक तकनीक का हस्तांतरण, नवाचार और विद्यार्थियों के प्लेसमेंट जैसे बिंदुओं का मूल्यांकन किया गया। इसके अलावा छात्र-शिक्षक अनुपात, क्लासरूम, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी, हॉस्टल, खेल मैदान और अन्य सुविधाओं को भी आकलन में शामिल किया गया।
NIRF में भी मिली पहचान
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को इससे पहले NIRF रैंकिंग में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि मिल चुकी है। विश्वविद्यालय को पिछली रैंकिंग में देश में 28वां स्थान प्राप्त हुआ था। यह एनआईआरएफ रैंकिंग में स्थान हासिल करने वाला छत्तीसगढ़ का एकमात्र विश्वविद्यालय बताया गया है।
विश्वविद्यालय की ‘ए ग्रेड’ उपलब्धि (IGKV A Grade) को कृषि शिक्षा के साथ-साथ किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने की दिशा में किए गए कामों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। अधिमान्यता के दौरान विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया, पाठ्यक्रम, शिक्षण-अध्यापन, अकादमिक नियम, मूल्यांकन, छात्रवृत्ति, छात्र कल्याण और संस्थागत डाटाबेस जैसे पहलुओं का भी परीक्षण किया गया।
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चार साल में कई बदलाव
कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के हाल के चार वर्षीय कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय में नए कृषि महाविद्यालय, स्मार्ट कक्षाएं, छात्रावास और आधुनिक ऑडिटोरियम जैसी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। विद्यार्थियों की प्रवेश संख्या बढ़ाने के साथ बड़ी संख्या में शिक्षकों एवं सहायक स्टाफ की भर्ती भी की गई है।
स्नातक पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू की गई है। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना और डिग्री प्रमाणपत्रों को डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराने जैसे कदम भी उठाए गए हैं। विद्यार्थियों को विदेशों में उच्च शिक्षा और शोध के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ शैक्षणिक संबंधों को भी मजबूत किया गया है।
कृषि मंत्री ने दी बधाई
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि पर कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल और उनके सहयोगियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बताया।
ICAR की मान्यता (IGKV A Grade) से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक साख के साथ-साथ अधोसंरचना, अनुसंधान, तकनीकी विकास और किसान कल्याण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
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