सीजी भास्कर, 13 फरवरी। कांकेर जिले के चारामा विकासखंड अंतर्गत ग्राम बासनवाही में बहने वाली महानदी इन दिनों अवैध रेत उत्खनन (Illegal Sand Mining Mahanadi) का केंद्र बनी हुई है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, दिन और रात बिना रुके चैन माउंटेन मशीनों से नदी के भीतर से रेत निकाली जा रही है। आरोप है कि रोजाना सैकड़ों हाईवा के जरिए रेत की तस्करी की जा रही है, जिससे शासन को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि महानदी के किनारों को बड़े पैमाने पर खोद दिया गया है। इससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप लगातार बिगड़ता जा रहा है। रेत उत्खनन के कारण न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आसपास के इलाकों में जलस्तर प्रभावित होने और भविष्य में नदी कटाव का खतरा भी बढ़ गया है।
सबसे गंभीर बात यह बताई जा रही है कि इस पूरे अवैध कारोबार की जानकारी (Illegal Sand Mining Mahanadi) संबंधित विभागों को होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि अलग-अलग स्थानों पर लगातार अवैध उत्खनन जारी है, जिससे रेत माफिया के हौसले और बुलंद होते जा रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और खनिज विभाग से निष्पक्ष जांच कर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते अवैध उत्खनन पर रोक (Illegal Sand Mining Mahanadi) नहीं लगाई गई, तो महानदी का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है और इसका सीधा असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा। ग्रामीणों की चेतावनी साफ है, अगर अब भी चुप्पी नहीं टूटी, तो यह सिर्फ एक नदी की नहीं, पूरे इलाके के पर्यावरण और जीवन व्यवस्था की हार होगी।




