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Home » दुर्ग यूनिवर्सिटी में अवैध दुकानें बेधड़क संचालित: प्रबंधन ने कहा– छात्र हित में, कलेक्टर बोले– जानकारी नहीं..

दुर्ग यूनिवर्सिटी में अवैध दुकानें बेधड़क संचालित: प्रबंधन ने कहा– छात्र हित में, कलेक्टर बोले– जानकारी नहीं..

By Newsdesk Admin
12/05/2025
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सीजी भास्कर, 12 मई |

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग में छात्र हित की आड़ में वसूली की दुकान संचालित हो रही है। इस दुकान को विश्वविद्यालय प्रबंधन जहां छात्र सुविधा केंद्र बता रहा है, वहीं दुर्ग कलेक्टर से आरटीआई में जानकारी दी गई है कि उन्हें ऐसे किसी भी सुविधा केंद्र के बारे में जानकारी ही नहीं है।

आपको बता दें कि दुर्ग विश्वविद्यालय भवन के बाहर लगभग दर्जन भर से अधिक फोटो कॉपी और ऑनलाइन फॉर्म भरने की दुकान संचालित हैं। पिछले लगभग एक साल से यहां एक छात्र सुविधा केंद्र विश्वविद्यालय परिसर के अंदर खोल दिया गया है। विश्वविद्यालय के छात्र छात्राओं को यह तक कहा जा रहा है कि उन्हें परीक्षा फार्म भरने से लेकर जो भी ऑनलाइन कार्य हैं यहीं से कराना है।

ऐसे में यहां दिन भर विद्यार्थियों की लाइन लगी रहती है। छात्र सुविधा केंद्र के अंदर ना तो विश्वविद्यालय ने किसी ऑनलाइन या फोटो कॉपी का रेट तय किया है ना यह निर्देश हैं कि बाहर की दुकानो से कम दर लिया जाना है। ऐसे में दुकान संचालक छात्रों से मनमाने तरीके से बाहर से अधिक रेट वसूल रहा है।

आप नेता जसप्रीत सिंह ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी मिली तो वो खुद एक लड़के का काम कराने से छात्र सुविधा केंद्र गए थे। वहां पता किया ऑनलाइन परीक्षा फार्म व अन्य काम के लिए बाहर से अधिक रेट लिया जा रहा था। छात्रों को यह कहा जा रहा था कि विश्वविद्यालय के छात्र सुविधा केंद्र से काम कराओगे तभी विश्वविद्यालय उसे मान्य करेगा। इससे डर के मारे छात्रों की यहां लंबी लाइन लगी रहती है।

आरटीआई में दे रहे गोलमोल जवाब

जसप्रीत सिंह ने बताया कि उन्होंने मामले की सच्चाई जानने के लिए दुर्ग विश्वविद्यालय और दुर्ग कलेक्टोरेट में आरटीआई लगाकर छात्र सुविधा केंद्र के बारे में जानकारी मांगी थी। विश्वविद्यालय ने जवाब में उस समय जारी एक प्रेस विज्ञप्ति को ही उठाकर दे दिया। वहीं दुर्ग कलेक्टोरेट से जवाब मिला कि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन ने उपलब्ध नहीं कराई है।

बिना टेंडर दुकान देकर किराया खा रहे अधिकारी

आप नेता जसप्रीत सिंह का कहना है कि हेमचंद यादव विश्वविद्यालय प्रबंधन को दुकान आवंटन करने के लिए एक निविदा बुनलानी चाहिए थी। इसके लिए राज्य शासन से अनुमति भी नहीं ली गई है। जसप्रीत का आरोप है कि ये लोग एक लाख रुपए महीना दुकान से किराया लेकर उसका आपस में बंदरबांट कर रहे हैं।

छात्र हित में संचालित हो रहा सुविधा केंद्र

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के सहायक कुल सचिव दिग्विजय सिंह का कहना है कि जो छात्र सुविधा केंद्र विश्वविद्यालय परिसर में संचालित हो रहा है वो छात्र हित को देखते हुए चल रहा है। यदि कोई यह शिकायत करता है कि वहां बाहर की दुकानों से अधिक दर लिया जा रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

रही बात दुकान की इस दुकान के लिए कोई निविदा नहीं जारी की गई है। यह दुकान एलएसपीएल (लर्निग स्पाइरल प्रालि.) नाम की संस्था जो विश्वविद्यालय के अन्य कार्य रेखती है उसी के द्वारा उसको आवंटित जगह पर संचालित की जा रही है।

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