सीजी भास्कर, 16 अक्टूबर : भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज (IND vs WI 5th T20I) अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। सीरीज 2-2 से बराबर है और शनिवार, 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाला पांचवां मुकाबला सीरीज का विजेता तय करेगा। हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 में भारत को 24 रन से हार मिली थी। ऐसे में टीम इंडिया को आखिरी मैच में वापसी के लिए अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा।
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कुलदीप यादव की वापसी
कुलदीप यादव (IND vs WI 5th T20I) ने सीरीज के शुरुआती दो मुकाबले खेले थे, लेकिन तीसरे और चौथे टी20 में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। निर्णायक मुकाबले में उनकी वापसी पर विचार किया जा सकता है। कुलदीप ने इसी दौरे की वनडे सीरीज में शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन मैचों में सात विकेट लिए थे। वह भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे। बेंगलुरु की पिच पर कलाई के स्पिनर उपयोगी साबित हो सकते हैं। ऐसे में कुलदीप की वापसी भारत के गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती दे सकती है। हालांकि, अंतिम प्लेइंग इलेवन का फैसला टीम प्रबंधन करेगा।
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मिडिल ओवर्स में बढ़े रन
इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों ने कई बार अच्छी शुरुआत की, लेकिन बीच के ओवरों में रन गति धीमी पड़ती रही। टीम शुरुआती अच्छी स्थिति को बड़े स्कोर में बदलने में लगातार सफल नहीं रही। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम की छोटी बाउंड्री और तेज आउटफील्ड बल्लेबाजों के लिए मददगार हो सकती है। ऐसे में भारतीय मिडिल ऑर्डर को (IND vs WI 5th T20I) के निर्णायक मुकाबले में स्ट्राइक रोटेट करने और खराब गेंदों पर बड़े शॉट लगाने पर ध्यान देना होगा। बीच के ओवरों में तेजी से रन बनाने से टीम मजबूत स्कोर खड़ा कर सकती है।
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तेज गेंदबाज बदलें रणनीति
भारतीय तेज गेंदबाजों को भी अपनी रणनीति में बदलाव करने की जरूरत हो सकती है। बेंगलुरु की परिस्थितियों में सिर्फ रफ्तार और लाइन-लेंथ पर निर्भर रहने के बजाय धीमी गेंदों, कटर और रफ्तार में बदलाव जैसी वैरिएशन का इस्तेमाल अहम हो सकता है। वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को रोकने के लिए गेंदबाजों को सही समय पर इन विकल्पों का इस्तेमाल करना होगा। सीरीज दांव पर होने के कारण भारत को मैदान की परिस्थितियों और बल्लेबाजों की शैली के हिसाब से गेंदबाजी योजनाएं बनानी होंगी।
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बेंगलुरु में भारत का रिकॉर्ड
भारतीय टीम बेंगलुरु में अब तक आठ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी है। इनमें चार में जीत मिली, तीन में हार का सामना करना पड़ा, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा। भारत ने यहां आखिरी बार अफगानिस्तान के खिलाफ डबल सुपर ओवर वाले रोमांचक मुकाबले में जीत दर्ज की थी। अब करीब दो साल बाद टीम इंडिया इसी मैदान पर फिर उतरेगी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी और तिलक वर्मा की उपकप्तानी वाली टीम के सामने सीरीज जीतने की चुनौती होगी। कुलदीप की संभावित वापसी, मिडिल ओवर्स में बेहतर बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजों की वैरिएशन निर्णायक मुकाबले में अहम भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि, ये संभावित रणनीतिक बदलाव हैं, आधिकारिक टीम चयन नहीं।
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