सीजी भास्कर, 09 जून : श्रीलंका में आयोजित ट्राई नेशन ए सीरीज 2026 के मुकाबले (India A vs Sri Lanka A) में सभी की निगाहें युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर टिकी थीं। क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद थी कि आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से चर्चा बटोरने वाले वैभव यहां भी बड़ा धमाका करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। वैभव की पारी जल्दी समाप्त हो गई, जबकि अनुभवी बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ ने शानदार शतक जड़कर मैच की सारी सुर्खियां अपने नाम कर लीं।
भारत ए और श्रीलंका ए के बीच मंगलवार को दांबुला के रणगिरि इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में ऋतुराज गायकवाड़ ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 114 गेंदों पर 101 रन की बेहतरीन पारी खेली। उनकी इस पारी में 6 चौके और 3 शानदार छक्के शामिल रहे।
वैभव ने दिखाई आक्रामकता, लेकिन बड़ी पारी से चूके
15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी की शुरुआत शानदार अंदाज में की। उन्होंने शुरुआती ओवरों में कुछ आकर्षक शॉट लगाए और श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। हालांकि उनका यह आक्रामक अंदाज ज्यादा देर तक नहीं चल सका। वैभव ने 12 गेंदों में 14 रन बनाए, जिसमें 3 चौके शामिल थे। मोहम्मद शिराज की गेंद पर कप्तान साहन अराचिगे ने उनका कैच लपक लिया। उनके आउट होते ही भारतीय टीम को पहला झटका लगा।
प्रभसिमरन भी जल्दी लौटे, मुश्किल में फंसी इंडिया-A
वैभव के पवेलियन लौटने के बाद टीम को एक और झटका लगा जब विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह महज 2 रन बनाकर आउट हो गए। चमिका करुणारत्ने ने उन्हें चलता किया। दो विकेट केवल 16 रन पर गिर जाने से भारतीय टीम दबाव में आ गई। ऐसे समय में उपकप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने मोर्चा संभाला और संयमित बल्लेबाजी का परिचय दिया।
गायकवाड़ और तिलक वर्मा ने संभाली पारी
शुरुआती झटकों के बाद ऋतुराज गायकवाड़ ने पहले प्रियांश आर्य के साथ साझेदारी की। प्रियांश ने 32 रन का उपयोगी योगदान दिया। इसके बाद कप्तान तिलक वर्मा क्रीज पर आए और दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय पारी को मजबूती प्रदान की। गायकवाड़ और तिलक वर्मा के बीच चौथे विकेट के लिए 150 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। दोनों ने 185 गेंदों तक श्रीलंकाई गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसाया। तिलक वर्मा ने 97 गेंदों पर 60 रन की धैर्यपूर्ण पारी खेली, जबकि गायकवाड़ ने शानदार शतक पूरा करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
रियान पराग की जगह मिले मौके को बनाया यादगार
दिलचस्प बात यह रही कि ऋतुराज गायकवाड़ मूल टीम का हिस्सा नहीं थे। चोटिल रियान पराग की जगह उन्हें अंतिम समय में स्क्वाड में शामिल किया गया था। मिले हुए इस अवसर को गायकवाड़ ने दोनों हाथों से भुनाया और चयनकर्ताओं को मजबूत संदेश दे दिया। उनकी शतकीय पारी ने यह साबित कर दिया कि वह अभी भी भारतीय टीम के लिए मजबूत दावेदार हैं।
अंत में बदोनी और शेडगे ने दिखाया दम
मध्यक्रम के बाद निचले क्रम में आयुष बदोनी और सूर्यांश शेडगे ने तेज बल्लेबाजी कर टीम के स्कोर को गति दी।
- सूर्यांश शेडगे – 14 गेंदों में नाबाद 26 रन
- आयुष बदोनी – 18 गेंदों में 24 रन
इन दोनों बल्लेबाजों की तेज पारियों की बदौलत इंडिया-A ने निर्धारित ओवरों में 277/6 का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया।
अनुभव ने जीती बाजी
मैच से पहले चर्चा युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को लेकर थी, लेकिन मैदान पर ऋतुराज गायकवाड़ ने साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में अनुभव और धैर्य की कितनी अहम भूमिका होती है। उनके शतक और तिलक वर्मा की अर्धशतकीय पारी ने इंडिया-A को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।



