सीजी भास्कर, 30 अगस्त। नई दिल्ली यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमलों से रूस की कई तेल रिफाइनरियों को नुकसान पहुंचा है। इसके चलते रूस में पेट्रोल का घरेलू उत्पादन प्रभावित हुआ है और अब उसे अपनी जरूरत पूरी करने के लिए दूसरे देशों से पेट्रोल आयात करना पड़ रहा है। इस बीच भारत रूस को पेट्रोल की बड़ी खेप भेजने वाले देशों में शामिल हो गया है। (India Petrol Export to Russia)
ऊर्जा बाजार से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में रूस का समुद्र के रास्ते पेट्रोल आयात बढ़कर करीब 1.25 लाख बैरल प्रतिदिन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। पूरे अगस्त में यह आयात करीब 4.70 लाख टन रहने का अनुमान है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय रिफाइनरियों ने पिछले दो महीनों में रूस को करीब 10 लाख बैरल पेट्रोल भेजा है। इसमें गुजरात की वडिनार रिफाइनरी का बड़ा योगदान बताया जा रहा है।

रूसी कच्चे तेल से तैयार पेट्रोल भेजे जाने की संभावना : India Petrol Export to Russia
भारत 2022 के बाद से रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीद रहा है। भारतीय रिफाइनरियों में इसी कच्चे तेल से पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन तैयार किए जाते हैं। जून और जुलाई में भारत ने रूस से रोजाना 26 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल खरीदा। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि रूस को भेजे गए पेट्रोल का कुछ हिस्सा रूसी कच्चे तेल से ही तैयार किया गया हो।
रिफाइनरियों पर जुलाई-अगस्त में 32 हमले
यूक्रेन के ड्रोन हमलों से रूस की ऊर्जा सुविधाओं को काफी नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ समय में रूस के घरेलू पेट्रोल उत्पादन में 70 फीसदी तक की गिरावट आई, जिससे कई इलाकों में ईंधन की कमी की स्थिति बनी। घरेलू आपूर्ति बनाए रखने के लिए रूस ने पेट्रोल की बिक्री पर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं और पेट्रोल निर्यात पर रोक को जनवरी 2027 के अंत तक बढ़ा दिया है।
भारत के अलावा तुर्की और मोरक्को भी अगस्त में रूस को पेट्रोल की आपूर्ति करने वाले देशों में शामिल रहे।



