इंद्रावती नेशनल पार्क में हाल ही में हुई मुठभेड़ ने सुरक्षा एजेंसियों को बड़ा सुराग पकड़ा दिया है। शुरुआती फॉरेंसिक जांच से पता चला है कि Indravati encounter evidence में मिले डिजिटल डिवाइस माओवादियों के शहरी नेटवर्क—यानी urban modules (urban network)—तक सीधी पहुंच बनाते दिख रहे हैं। जिस स्थान से छह नक्सली ढेर किए गए, वहीं से कुछ ऐसे डिवाइस बरामद हुए हैं, जिनमें फंडिंग चैनल, लॉजिस्टिक सपोर्ट और प्रचार तंत्र के संकेत स्पष्ट हैं।
मद्देड़–पामेड़ कमेटियों की सीमा-पार गतिविधियों पर खुला नया अध्याय
जांच में यह भी सामने आया है कि मद्देड़ और पामेड़ एरिया कमेटियां महाराष्ट्र–तेलंगाना–छत्तीसगढ़ की सीमाओं पर काफी समय से सक्रिय थीं। इन कमेटियों का मुख्य काम जंगल में ऑपरेशनल यूनिट्स को सपोर्ट देना और सीमा पार आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखना था। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि यह तंत्र शहरी सपोर्ट यूनिट्स से जुड़ा हुआ था, जो फंडिंग, लॉजिस्टिक्स और संदेश वाहक तैयार करने का काम देखता था (support channels).
डिजिटल डेटा से मिले कई ‘नोड्स’, शहरी नेटवर्क का नक्शा बनने लगा
सूत्रों का कहना है कि बरामद डिवाइसों से कई ‘नोड्स’ की पहचान संभव है—जैसे funding partner, logistic handler, और urban messenger (urban link)। एजेंसियां यह भी मान रही हैं कि आने वाले दिनों में फॉरेंसिक जांच गहराने पर इस शहरी नेटवर्क की भूमिका और साफ हो जाएगी। शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह नेटवर्क जंगल में सक्रिय यूनिट्स को लगातार सहायता पहुंचा रहा था, जिससे पूरे सेटअप की संरचना मजबूत बनी रहती थी।
बुचन्ना और उर्मिला की मौत से बस्तर की संघर्ष लाइन कमजोर
इस मुठभेड़ में मारे गए कन्ना ऊर्फ बुचन्ना और उर्मिला लंबे समय से माओवादी गतिविधियों के मास्टरमाइंड माने जाते रहे हैं। बुचन्ना के खिलाफ 42 गंभीर मामले दर्ज थे और 18 स्थायी वारंट लंबित थे। पिछले वर्षों में जंगलों में हुए कई IED ब्लास्ट, ग्रामीणों की हत्या, पुलिस ठिकानों पर हमले और ठेकेदारों से लेवी वसूली जैसी घटनाओं को उसने ही अंजाम दिया था। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि इन दोनों की मौत से बस्तर के पश्चिम और दक्षिण डिवीज़नों की रणनीतिक संरचना पर बड़ा असर पड़ेगा।
‘अर्बन नेटवर्क’ का धागा मजबूत हुआ, जल्द हो सकती है लक्षित कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, Indravati encounter evidence में मिले दस्तावेज़ और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पिछले कई महीनों से सक्रिय अर्बन नेटवर्क की पूरी प्रोफ़ाइल सामने ला सकते हैं। जांचकर्ता इस बात पर जोर दे रहे हैं कि डेटा से मिली शुरुआती जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है। माना जा रहा है कि अगले चरण में शहरी इकाइयों में बैठे उन लोगों पर कार्रवाई शुरू हो सकती है, जो जंगल और शहर के बीच कड़ी का काम करते रहे हैं।


