सीजी भास्कर, 24 दिसंबर। राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास को कौशल आधारित रोजगार (Industrial Investment Chhattisgarh) से जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ को निवेश का नया केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है।
बीते एक वर्ष में राज्य को 200 से अधिक औद्योगिक परियोजनाओं के माध्यम से ₹13,690 करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों से लगभग 12,000 नए रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना जताई जा रही है। इनमें से कई परियोजनाएं अब जमीन पर उतरने की प्रक्रिया में हैं।
इसी रणनीति को आगे बढ़ाते हुए 23 दिसंबर को आयोजित छत्तीसगढ़ स्किल टेक कार्यक्रम को राज्य के औद्योगिक और मानव संसाधन विकास की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है। इस मंच पर उद्योगों और कौशल संस्थानों के बीच कई समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए और नए निवेश आमंत्रण पत्र जारी किए गए।
10,500 करोड़ की गेल परियोजना बनी सबसे बड़ा आकर्षण
निवेश प्रस्तावों में सबसे प्रमुख नाम GAIL का सामने (Industrial Investment Chhattisgarh) आया है। गेल द्वारा गैस आधारित उर्वरक संयंत्र की स्थापना का प्रस्ताव दिया गया है, जिसमें पहले चरण में लगभग ₹10,500 करोड़ का निवेश होगा। इस संयंत्र की अनुमानित उत्पादन क्षमता 1.27 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष बताई गई है।
यह परियोजना मुंबई–नागपुर–झारसुगुड़ा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन से जुड़ी होगी और राजनांदगांव जिले के बिजेतला क्षेत्र में 400 एकड़ से अधिक भूमि पर स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए करीब 100 एकड़ क्षेत्र में टाउनशिप विकसित करने की योजना भी शामिल है।
परियोजना के क्रियान्वयन के बाद लगभग 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है, जबकि लॉजिस्टिक्स, तकनीकी सेवाओं, रखरखाव और सपोर्ट सेक्टर में हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री का फोकस: निवेश के साथ स्थायी रोजगार
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल (Industrial Investment Chhattisgarh) केवल उद्योग लाने तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश, कौशल और रोजगार को एक साथ आगे बढ़ाने पर आधारित है। उन्होंने कहा कि स्किल टेक जैसे मंच निवेशकों के भरोसे को जमीनी हकीकत में बदलते हैं और राज्य के युवाओं को दीर्घकालिक, गुणवत्तापूर्ण रोजगार दिलाने का रास्ता खोलते हैं।
उभरते सेक्टरों में भी दिखी निवेशकों की रुचि
गेल के अलावा परिधान एवं वस्त्र उद्योग, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सोलर पैनल निर्माण और अन्य उभरते क्षेत्रों में भी निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान आदित्य बिरला स्किल सेंटर, जशपुर को उद्योग-प्रेरित कौशल विकास का एक सफल मॉडल बताते हुए प्रस्तुत किया गया।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कार्यान्वयन की प्रक्रिया में चल रही परियोजनाएं राज्य के 26 जिलों में फैली हुई हैं। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार औद्योगिक विकास के साथ-साथ क्षेत्रीय संतुलन और समावेशी विकास पर भी विशेष जोर दे रही है।
स्किल टेक से गया साफ संदेश
छत्तीसगढ़ स्किल टेक के जरिए राज्य ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि यदि औद्योगिक निवेश को कौशल विकास से जोड़ा जाए, तो न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी। आने वाले वर्षों में यह मॉडल छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निवेश और रोजगार केंद्रों में शामिल करने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकता है।


