सीजी भास्कर, 26 जून : नशीले इंजेक्शनों की अवैध तस्करी ने जिले में गंभीर स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था (Injection Drug Abuse) की चुनौती खड़ी कर दी है। ओडिशा सीमा से प्रतिबंधित दर्द निवारक इंजेक्शनों की तस्करी कर उन्हें कई गुना अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है। नशे की लत के चलते एक ही सिरिंज का बार-बार साझा इस्तेमाल करने से अब तक 135 युवाओं के HIV संक्रमित होने की जानकारी सामने आई है। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस दोनों अलर्ट मोड पर हैं।
ओडिशा से हो रही प्रतिबंधित इंजेक्शनों की तस्करी
जानकारी के अनुसार, ओडिशा के झारसुगुड़ा और बरगढ़ क्षेत्र से ब्यूटोरफेनॉल (Butorphanol) और पेंटाजोसिन (Pentazocine) जैसे चिकित्सकीय पर्चे पर मिलने वाले दर्द निवारक इंजेक्शन अवैध रूप से लाकर स्थानीय स्तर पर बेचे जा रहे हैं। जिन इंजेक्शनों की वास्तविक कीमत 50 से 70 रुपये होती है, उन्हें नशे के आदी युवाओं को 500 से 700 रुपये तक में बेचा जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि नशे की लत पूरी करने के लिए कई युवक चोरी, लूट और अन्य आपराधिक गतिविधियों की ओर भी बढ़ रहे हैं।
एक ही सिरिंज के इस्तेमाल से फैला संक्रमण
स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया है कि 16 से 26 वर्ष आयु वर्ग के कई युवक नशीले इंजेक्शन लगाने के दौरान एक ही सिरिंज का साझा उपयोग कर रहे थे। इसी वजह से बड़ी संख्या में HIV संक्रमण के मामले सामने आए हैं। अब तक करीब 135 युवाओं के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। कई संक्रमित युवाओं ने स्वीकार किया कि गलत संगत, नशे की लत और जागरूकता की कमी के कारण वे संक्रमण की चपेट में आए। कुछ मामलों में जेल में हुई स्वास्थ्य जांच के दौरान HIV संक्रमण का पता चला।
पुलिस का शिकंजा, सप्लाई नेटवर्क की जांच तेज
पुलिस ने नशीले इंजेक्शनों की अवैध बिक्री और तस्करी से जुड़े कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच एजेंसियां अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि बिना चिकित्सकीय पर्चे के प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और ऐसे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की रणनीति बनाई जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एक ही सिरिंज का कई लोगों द्वारा इस्तेमाल करने से HIV, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी जैसी गंभीर संक्रामक बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। विशेषज्ञों ने युवाओं और अभिभावकों से नशे से दूर रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल प्रशासन और पुलिस को देने की अपील की है।



