सीजी भास्कर 8 मई I छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गंभीर लापरवाही बरतने वाले 79 शिक्षकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। (Irregularities in board exam copy checking)
मूल्यांकन के दौरान 20 से लेकर 50 अंकों तक की भारी गड़बड़ी पाए जाने पर इन शिक्षकों को 3 से 6 साल तक बोर्ड के सभी पारिश्रमिक कार्यों से डिबार (ब्लैकलिस्ट) कर दिया गया है। साथ ही संबंधित शिक्षकों की एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने की अनुशंसा भी की गई है।
36 मूल्यांकन केंद्रों में मिली अनियमितताएं : Irregularities in board exam copy checking
माशिमं की परीक्षा समिति की जांच में प्रदेश के 36 मूल्यांकन केंद्रों में उत्तरपुस्तिका जांच के दौरान गंभीर त्रुटियां सामने आईं। कार्रवाई की जद में आए शिक्षकों में 10वीं के 49 और 12वीं के 30 शिक्षक शामिल हैं।
इन विषयों में सबसे ज्यादा मिली गड़बड़ी
10वीं कक्षा में हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और संस्कृत विषयों की कॉपियों में गंभीर गलतियां पाई गईं।
वहीं 12वीं में हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, रसायन, जीवविज्ञान, गणित, लेखाशास्त्र और अर्थशास्त्र विषयों के मूल्यांकनकर्ताओं पर कार्रवाई की गई है।
20 से 40 नंबर की गलती पर 3 साल का प्रतिबंध
कॉपी जांच में 20 से 40 अंकों तक की त्रुटि करने वाले शिक्षकों को 3 साल तक बोर्ड के कार्यों से दूर रखा जाएगा। इस श्रेणी में सबसे ज्यादा शिक्षक शामिल हैं, जिनमें 10वीं के 44 और 12वीं के 25 शिक्षक हैं।
41 से 49 नंबर की गलती पर 5 साल का बैन
41 से 49 अंकों तक की बड़ी गड़बड़ी करने वाले 4 शिक्षकों पर 5 साल का प्रतिबंध लगाया गया है। इनमें 10वीं और 12वीं के 2-2 शिक्षक शामिल हैं।
50 नंबर या उससे ज्यादा की गलती पर 6 साल की ब्लैकलिस्टिंग
50 या उससे अधिक अंकों की गंभीर त्रुटि करने वाले शिक्षकों को 6 साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया है। इस श्रेणी में 10वीं के हिंदी और गणित विषय के 3 शिक्षक तथा 12वीं के राजनीति विज्ञान और गणित विषय के 3 शिक्षक शामिल हैं।
कलेक्टर और DEO को भेजा गया आदेश
माशिमं ने कार्रवाई संबंधी आदेश की प्रतियां स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय, सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और कलेक्टरों को भेज दी हैं, ताकि संबंधित शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा सके।


