सीजी भास्कर, 05 अप्रैल। छत्तीसगढ़ के चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में एक बार फिर कानूनी हलचल (Jaggi Murder Case) तेज हो गई है। Amit Jogi द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सोमवार को Supreme Court of India में सुनवाई होनी है, जिसे इस मामले का एक अहम मोड़ माना जा रहा है।
हत्या से शुरू हुआ लंबा कानूनी सफर (Jaggi Murder Case)
यह मामला 4 जून 2003 का है, जब रायपुर में Ram Avtar Jaggi की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मामले की जांच Central Bureau of Investigation को सौंपी गई, जिसमें साजिश, भाड़े के शूटर और सबूतों से छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप सामने आए।
ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट में अलग-अलग फैसले
साल 2007 में ट्रायल कोर्ट ने 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा (Jaggi Murder Case) सुनाई, लेकिन साक्ष्यों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया गया। इसके बाद सीबीआई ने हाई कोर्ट में अपील की, लेकिन 1373 दिनों की देरी के कारण याचिका खारिज हो गई, जिससे मामला फिर अटक गया।
सुप्रीम कोर्ट के दखल से केस फिर खुला
बाद में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मामले को दोबारा सुनवाई के लिए भेजा (Jaggi Murder Case) गया। हाल ही में Chhattisgarh High Court की डिवीजन बेंच ने अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए उन्हें तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया।
अब सुप्रीम कोर्ट में नई चुनौती
हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अमित जोगी ने फिर सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की है। अब इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई होगी, जिस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि यह सुनवाई केस की दिशा और भविष्य दोनों तय कर सकती है।


