सीजी भास्कर, 19 अगस्त : छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ अतिरिक्त आजीविका के विकल्पों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में कड़कनाथ मुर्गी पालन को किसानों के लिए कमाई का नया जरिया बनाया जा रहा है। इसके काले मांस और अंडों में प्रोटीन और आयरन की मात्रा अधिक होने के कारण बाजार में इसकी मांग भी बनी रहती है।
यह भी पढ़ें :
बीजापुर में ‘हर किसान के घर कड़कनाथ’ अभियान
बीजापुर के कृषि विज्ञान केंद्र पानारापारा की ओर से Kadaknath Farming को बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र का लक्ष्य ‘हर किसान के घर कड़कनाथ’ पहुंचाना है। इसके जरिए किसानों को खेती के साथ अतिरिक्त और टिकाऊ आय का अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
स्थानीय परिस्थितियों में आसानी से पनपता है कड़कनाथ
कड़कनाथ छत्तीसगढ़ की खास देशी कुक्कुट नस्ल है। काले रंग और गुणवत्तापूर्ण मांस के लिए इसकी अलग पहचान है। स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल होने के कारण किसान इसे आसानी से पाल सकते हैं। वैज्ञानिक तरीके से पालन करने पर यह खेती के साथ अतिरिक्त आय का साधन बन सकता है।
यह भी पढ़ें :
किसानों को दिए जा रहे कड़कनाथ के चूजे
कृषि विज्ञान केंद्र बीजापुर की ओर से किसानों को कड़कनाथ के चूजे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही किसानों को चूजों की देखभाल, उचित आहार, आवास, स्वास्थ्य प्रबंधन और वैज्ञानिक पालन की जानकारी दी जा रही है।
इससे किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल करने के लिए जरूरी तकनीक सीखने में मदद मिल रही है। तकनीकी जानकारी मिलने से कड़कनाथ पालन को लेकर किसानों का भरोसा भी बढ़ रहा है।
डेमोंस्ट्रेशन से सिखाई जा रही पालन की तकनीक
कड़कनाथ पालन की बेहतर तकनीक किसानों तक पहुंचाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र ने दो फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन (FLD) और दो ऑन-फार्म ट्रायल (OFT) स्थापित किए हैं। इनके जरिए किसानों को वैज्ञानिक तरीके से कुक्कुट पालन, बेहतर प्रबंधन और उत्पादन क्षमता का प्रत्यक्ष अनुभव कराया जा रहा है।
यह भी पढ़ें :
तकनीकी मार्गदर्शन से बढ़ रहा आत्मविश्वास
कड़कनाथ पालन से जुड़े किसानों को समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। वैज्ञानिक कुक्कुट प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण चूजा उत्पादन और स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों में कड़कनाथ पालन के प्रति रुचि बढ़ रही है और वे इसे अतिरिक्त आय के विकल्प के रूप में अपना रहे हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
‘हर किसान के घर कड़कनाथ’ पहल का उद्देश्य किसानों को खेती के साथ आय का अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध कराना है। Kadaknath Farming के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
आने वाले समय में इसे ज्यादा किसानों तक पहुंचाने और कड़कनाथ पालन को लाभकारी एवं टिकाऊ आजीविका मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम जारी रहेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में बीजापुर में यह पहल किसानों को आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ाने का प्रयास है।
यह भी पढ़ें :




