सीजी भास्कर, 21 जून : दुर्ग जिले के पंजीकृत श्रमिकों के लिए ई-केवाईसी (Labour e-KYC) कराना अब अनिवार्य कर दिया गया है। श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी पंजीकृत श्रमिकों को 30 जून 2026 तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। निर्धारित समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी नहीं कराने वाले श्रमिकों को भविष्य में विभिन्न श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है।
श्रम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ई-केवाईसी के माध्यम से श्रमिकों के रिकॉर्ड का सत्यापन और अद्यतन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पात्र श्रमिकों की सही पहचान सुनिश्चित करना तथा योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचाना है।
सीएससी केंद्रों पर चल रहा सत्यापन कार्य
विभाग ने बताया कि आधार कार्ड के अनुसार श्रमिकों के डाटा में संशोधन और सत्यापन का कार्य कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से किया जा रहा है। श्रमिक अपने आधार कार्ड और आवश्यक दस्तावेजों के साथ नजदीकी सीएससी केंद्र पहुंचकर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
अधिकारियों के अनुसार आधार आधारित सत्यापन से श्रमिकों का डाटा अपडेट होगा और भविष्य में योजनाओं की राशि सीधे एवं सही हितग्राही तक पहुंच सकेगी।
केवल ई-केवाईसी वाले श्रमिकों को मिलेगा लाभ
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं पंजीकृत श्रमिकों को विभागीय योजनाओं का लाभ दिया जाएगा, जिनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो चुकी होगी। विभाग वर्तमान में रिकॉर्ड की समीक्षा भी कर रहा है, ताकि अपात्र और मृत हितग्राहियों के नाम सूची से हटाए जा सकें।
नाम हटाए जाने की भी चेतावनी
विभाग के अनुसार निर्धारित समय सीमा तक ई-केवाईसी नहीं कराने वाले श्रमिकों के नाम श्रमिक पोर्टल से हटाए जा सकते हैं। इसके अलावा ऐसे हितग्राही जो अब पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करते या जिनका रिकॉर्ड सत्यापित नहीं हो पाएगा, उन्हें भी सूची से पृथक किया जाएगा।
श्रम विभाग ने सभी पंजीकृत श्रमिकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द ई-केवाईसी कराकर अपने पंजीयन को सक्रिय रखें और सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करें।





