सीजी भास्कर, 19 सितंबर। रायपुर नगर निगम में पिछले छह महीनों से नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) के पद को लेकर जारी विवाद अब भी खत्म नहीं हुआ है। गुरुवार को फैसला होना तय था, लेकिन कांग्रेस के तीन पार्षद अनुपस्थित रहे, जिससे प्रक्रिया अधर में लटक गई। अब यह निर्णय 23 सितंबर को लिया जाएगा। कांग्रेस संगठन से आए विरोधाभासी पत्रों ने स्थिति और उलझा दी है। पहले जिला कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे ने संदीप साहू को नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) नियुक्त किया था, वहीं बाद में भेजे गए नए पत्र में आकाश तिवारी को जिम्मेदारी सौंपने का उल्लेख है। इसी कारण निगम और कांग्रेस पार्षदों के बीच गतिरोध गहराया हुआ है।
इस विवाद ने उस समय और तूल पकड़ा, जब संदीप साहू समेत पांच पार्षद रेणु जयंत साहू, गायत्री नायक, रोनिता प्रकाश जगत और दीप मनीराम साहू ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। हालांकि बाद में पार्टी दबाव के चलते उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया। इस बीच संदीप साहू लगातार कार्यक्रमों में नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) की भूमिका निभाते रहे। अब जिला अध्यक्ष का नया पत्र आने के बाद सभापति सूर्यकांत राठौर ने सभी पार्षदों को बुलाकर स्थिति स्पष्ट करने का निर्णय लिया है।
विवाद की जड़
नगर निगम चुनाव के बाद कांग्रेस जिला अध्यक्ष गिरीश दुबे ने संदीप साहू को नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) बनाने का पत्र भेजा था। इसी आधार पर सभापति ने उन्हें जिम्मेदारी भी सौंप दी थी। लेकिन बाद में प्रदेश स्तर पर जारी सूची में रायपुर नगर निगम का नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी को घोषित कर दिया गया। इस विरोधाभासी निर्णय ने बवाल खड़ा कर दिया और कांग्रेस पार्षदों में नाराजगी बढ़ गई। विरोध में पांच पार्षदों ने इस्तीफा दिया, जिससे मामला और ज्यादा गरमा गया।
अब 23 को होगा फैसला
गुरुवार शाम चार बजे बैठक रखी गई थी, लेकिन गायत्री नायक, रोनिता प्रकाश जगत और दीप मनीराम साहू की गैरमौजूदगी के कारण यह संभव नहीं हो सका। अब सभी को 23 सितंबर को बुलाया गया है। सभापति सूर्यकांत राठौर ने कहा कि यदि पार्षद आकर आकाश तिवारी के समर्थन में सहमति जताते हैं, तो प्रक्रिया पूरी कर उन्हें नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) घोषित कर दिया जाएगा।
अब तक क्या क्या हुआ
छह महीने से लंबित है नेता प्रतिपक्ष का मामला।
संदीप साहू और आकाश तिवारी के नाम पर खींचतान।
पांच पार्षदों ने इस्तीफा देकर बाद में वापस लिया।
संदीप साहू फिलहाल निभा रहे हैं जिम्मेदारी।
23 सितंबर को होगा अंतिम निर्णय।
नेता प्रतिपक्ष विवाद की टाइमलाइन
11 फरवरी 2025 – नगर निगम का चुनाव सम्पन्न हुआ।
15 फरवरी 2025 – चुनाव परिणाम घोषित हुए, बीजेपी को 60, कांग्रेस को 7 और 3 निर्दलीय पार्षद जीते।
27 फरवरी 2025 – मीनल चौबे ने महापौर पद संभाला।
18 मार्च 2025 – कांग्रेस की ओर से संदीप साहू को नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) घोषित किया गया। निगम ने उनके नाम की अधिकृत घोषणा भी कर दी।
मार्च 2025 अंत – निगम की सामान्य सभा में संदीप साहू बतौर नेता प्रतिपक्ष शामिल हुए।
17 अप्रैल 2025 – प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सूची जारी कर आकाश तिवारी को नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) बना दिया।
अप्रैल 2025 – आकाश तिवारी के विरोध में कांग्रेस के पांच पार्षदों ने इस्तीफा दिया, बाद में दबाव में इस्तीफा वापस लिया।



