सीजी भास्कर, 2 जुलाई। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में आकाशीय बिजली (Lightning Strike Korba) ने दुर्लभ साइबेरियाई पक्षियों के एक समूह को अपनी चपेट में ले लिया। करतला वनमंडल अंतर्गत रामपुर गांव में तेज गरज-चमक के साथ हुई बारिश के दौरान इमली के एक विशाल पेड़ पर बिजली गिरने से वहां बसेरा बनाए छह साइबेरियाई पक्षियों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और मायूसी का माहौल है।
हर साल साइबेरिया से हजारों किलोमीटर उड़कर पहुंचते हैं पक्षी
रामपुर गांव में हर वर्ष साइबेरियाई पक्षी (Lightning Strike Korba) हजारों किलोमीटर की लंबी यात्रा तय कर साइबेरिया से पहुंचते हैं। बरसात के मौसम में ये विदेशी पक्षी गांव के बड़े पेड़ों पर घोंसले बनाकर रहते हैं और यहीं अपने बच्चों का पालन-पोषण करते हैं। बच्चे उड़ने योग्य होने के बाद पूरा झुंड वापस अपने मूल स्थान की ओर लौट जाता है।
ग्रामीणों के लिए खुशहाली का प्रतीक हैं साइबेरियाई पक्षी
गांव के लोगों का इन साइबेरियाई पक्षियों (Lightning Strike Korba) से भावनात्मक जुड़ाव है। ग्रामीण इन्हें शुभ संकेत मानते हैं और विश्वास करते हैं कि इनके आगमन से गांव में अच्छी बारिश, समृद्धि और खुशहाली आती है। छह पक्षियों की एक साथ मौत से ग्रामीणों में गहरा दुख और चिंता देखी जा रही है।
इमली के पेड़ पर गिरी आकाशीय बिजली
ग्रामीणों के अनुसार हाल ही में हुई तेज बारिश के दौरान जिस इमली के पेड़ पर साइबेरियाई पक्षियों (Lightning Strike Korba) ने घोंसले बनाए थे, उसी पर आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली की चपेट में आने से छह पक्षियों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
वन विभाग ने शुरू की जांच
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम घटनास्थल पहुंची और मृत पक्षियों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि आकाशीय बिजली (Lightning Strike Korba) से हुई इस घटना की जांच की जा रही है। मृत पक्षियों के संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है।
मानसून में बढ़ा प्राकृतिक खतरा
वन विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान आकाशीय बिजली की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे वन्यजीवों और पक्षियों को भी नुकसान पहुंचता है। ऐसे मामलों की निगरानी के साथ पक्षियों के प्राकृतिक आवासों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।



